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Ram Mandir Donation Case: Gold and cash worth crores seized from Tinnu Yadav's home in the Ram Mandir offering
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Ram Mandir Donation Case:राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में टिन्नू यादव के घर से करोड़ों का सोना- कैश जब्त!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Wed, 17 Jun 2026 12:26 AM IST
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उपलब्ध और सार्वजनिक रूप से प्रकाशित समाचारों के अनुसार, अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसने 15 जून 2026 से अपनी जांच शुरू की। एसआईटी अयोध्या पहुंची और मंदिर परिसर तथा Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य दान राशि के कथित दुरुपयोग, धन के प्रवाह और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करना है।
हालांकि, आपके द्वारा दिए गए विवरण में जिन दावों का उल्लेख है—जैसे ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai से छह घंटे की पूछताछ, पांच संदिग्धों से लगभग दो करोड़ रुपये नकद, एक लग्जरी कार और तीन आईफोन की बरामदगी, या उनके कथित सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के यहां कई करोड़ रुपये मूल्य का सोना मिलने तथा 50 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्तियों का खुलासा—इन विशिष्ट तथ्यों की पुष्टि मुझे उपलब्ध विश्वसनीय समाचार स्रोतों में नहीं मिली है। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। वर्तमान में सार्वजनिक रिपोर्टें मुख्य रूप से दान राशि में कथित गड़बड़ियों की जांच, एसआईटी के गठन और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल पर केंद्रित हैं।
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय एसआईटी में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। जांच दल को दान राशि के प्रबंधन, लेखा प्रणाली और संभावित धन गबन से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सौंपा गया है। ट्रस्ट ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा और तथ्यों को सामने लाने का समर्थन करता है।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हुई हैं। Akhilesh Yadav सहित कई नेताओं ने पारदर्शिता की मांग की है, जबकि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Mishra ने कहा है कि जांच में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भक्तों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस प्रकार, वर्तमान स्थिति में यह कहना उचित होगा कि राम मंदिर के दान और चढ़ावे को लेकर गंभीर आरोपों की जांच जारी है, लेकिन कई सनसनीखेज दावों की अभी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। जांच पूरी होने और एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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