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Tej Pratap Yadav's Security: After Lalu and Rabri, Tej Pratap Yadav has also returned his government security!
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Tej Pratap Yadav Security: लालू-राबड़ी के बाद अब तेजप्रताप यादव ने भी लौटाई सरकार की सुरक्षा!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Tue, 16 Jun 2026 06:30 AM IST
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बिहार की राजनीति में इन दिनों सरकारी सुरक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख Lalu Prasad Yadav और पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi द्वारा अपनी सरकारी सुरक्षा लौटाए जाने के बाद अब उनके बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष Tej Pratap Yadav ने भी इसी राह पर चलते हुए अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। इस कदम ने बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार की ओर से तेज प्रताप यादव को सुरक्षा के लिए एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, उन्होंने इस सुरक्षा व्यवस्था को अस्वीकार करते हुए सुरक्षाकर्मी को वापस शासन के पास भेज दिया। इस फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें पहले वाई प्लस सुरक्षा प्रदान की गई थी, लेकिन उन्होंने उसे वापस करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुरक्षा को लेकर क्या निर्णय लेती है और भविष्य में किसी भी स्थिति से कैसे निपटती है।
तेज प्रताप यादव ने अपने बयान में बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उनकी जान को कोई खतरा होता है या उन पर किसी प्रकार का हमला होता है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल सम्राट चौधरी की होगी। उनका कहना था कि उन्होंने स्वेच्छा से अपनी पूरी सुरक्षा वापस कर दी है और उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है।
अपने बयान के दौरान तेज प्रताप यादव ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण राज्य की बहू-बेटियों की सुरक्षा है। उनके शब्दों में, “हमें सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हमारी बहू और बेटियां सुरक्षित रहें, यही हमारी सुरक्षा है।” इस बयान को राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अब तेज प्रताप यादव द्वारा सुरक्षा लौटाने के फैसले को केवल प्रशासनिक कदम के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह राज्य सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक संदेश भी है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं का कहना है कि सुरक्षा प्रदान करना सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का विषय है तथा इसका निर्णय निर्धारित मानकों और खतरे के आकलन के आधार पर लिया जाता है।
फिलहाल, तेज प्रताप यादव के इस कदम ने बिहार की राजनीति में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
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