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उद्धव की सेना फिर टूटेगी?: शिंदे के साथ जाने की तैयारी में करीब सात सांसद, राउत का दावा- 15 करोड़ ₹ दिए एडवांस

पीटीआई, मुंबई Published by: Devesh Tripathi Updated Wed, 17 Jun 2026 01:10 AM IST
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सार

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। इस बीच शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दिल्ली पहुंचने की खबरों ने अटकलों को और हवा दे दी है। वहीं, पार्टी नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को पाला बदलने के लिए भारी रकम की पेशकश की जा रही है।

approx Shiv Sena UBT 7 MPs eye switch to ruling Shinde Sena Sources Sanjay Raut Claims 15 crore money given
उद्धव ठाकरे की पार्टी में टूट की आशंका। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

तृणमूल कांग्रेस में हुई बगावत के बीच विपक्षी खेमे की एक और पार्टी शिवसेना (यूबीटी) भी एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद सत्ताधारी शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं और राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले हुए हैं।


सूत्रों के अनुसार, यह भी पता चला है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे मंगलवार देर रात दिल्ली के लिए रवाना हो रहे थे। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) ने अपने लोकसभा सदस्यों के टूटने की संभावना को खारिज कर दिया है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने दावा किया है कि सभी सांसद एकजुट हैं।
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उद्धव गुट के सांसदों को 15 करोड़ रुपये दिए जाने का दावा
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मंगलवार देर रात दावा किया है कि महाराष्ट्र से सांसदों को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपये का एडवांस दिया जा रहा है। यह दावा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कुछ लोकसभा सदस्यों के पाला बदलने की अटकलों को और हवा दे रहा है।

देर रात एक्स पर एक पोस्ट में राउत ने कहा, "अपना सपना मनी... मनी। ऐसी सूचना है कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए आज रात ₹15 करोड़ का एडवांस दिया जाएगा। यह चौंकाने वाला और घृणित है।"
वहीं, सूत्रों ने बताया कि शिंदे के मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंचने की उम्मीद थी। शिंदे खेमे के एक नेता ने कहा, "छह से सात सांसदों के पाला बदलने की संभावना है।" उन्होंने दावा किया कि यह कदम आदित्य ठाकरे की भूमिका को पार्टी में और ज्यादा बढ़ाने से जुड़ा है। नेता का दावा है कि पाला बदलने के इच्छुक सांसद शिवसेना (यूबीटी) के भीतर आदित्य के और अधिक वरिष्ठ होने की संभावना को अस्वीकार्य मानते हैं।

अरविंद सावंत ने ओम बिरला को पत्र में क्या लिखा?
देर रात शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत का लोकसभा अध्यक्ष को लिखा एक पत्र भी सामने आया है। इसमें सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी की संसदीय मान्यता और उससे जुड़े अधिकारों को लेकर अपना पक्ष रखा है। पत्र में कहा गया है कि शिवसेना (उबाठा) लोकसभा में अपने विधिवत अधिकृत नेता और मुख्य सचेतक (व्हिप) के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी बनी हुई है।

पत्र में अनुरोध किया गया है कि पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित गुट या अलग हुए समूह को कोई अलग मान्यता, दर्जा, विशेषाधिकार या सुविधा न दी जाए। शिवसेना (यूबीटी) ने यह भी कहा है कि अगर इस तरह का कोई अनुरोध लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष आता है, तो उस पर कोई निर्णय लेने से पहले पार्टी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।

पत्र में आगे कहा गया है कि पार्टी कानून के तहत उपलब्ध अपने सभी अधिकार सुरक्षित रखती है। इसमें संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के प्रावधानों का सहारा लेने और संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत किसी भी आचरण के संबंध में आवश्यक कानूनी उपाय अपनाने का अधिकार भी शामिल है।

आदित्य ठाकरे का कद बढ़ने से नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेता
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) 19 जून को आदित्य को लेकर एक घोषणा करने की योजना बना रहा था, जो अविभाजित शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पार्टी 2022 में शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद टूट गई थी, जिसने महाविकास अघाड़ी सरकार को गिरा दिया था।

बीते रविवार को उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई एक बैठक में पार्टी के नौ सांसदों में से केवल चार के उपस्थित होने के बाद संभावित दलबदल की अटकलें तेज हो गई थीं। राउत ने दावा किया था कि शेष पांच सांसदों ने वर्चुअल माध्यम से या फोन पर बैठक में भाग लिया था। वहीं, राउत ने मंगलवार को कहा कि गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सांसद पार्टी और उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।

पार्टी के बैठक से नदारद रहे कई सांसद
शिवसेना (यूबीटी) की बैठक में सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे। वहीं ओमप्रकाश राजे निम्बालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टीकर और संजय देशमुख ऑनलाइन जुड़े। राउत ने कहा था कि एक अन्य सांसद, संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की थी।


वहीं, मंगलवार को दिन की शुरुआत से ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज थीं। इस पर सत्तारूढ़ शिवसेना के नेता प्रताप सरनाईक ने असंतुष्टों का स्वागत करने और उन्हें प्राथमिकता देने का संकेत देकर इन अटकलों को बल दिया था।

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संजय राउत अचानक पहुंचे दिल्ली
यह तब और चर्चा का विषय बन गया जब शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और उद्धव ठाकरे के करीबी माने जाने वाले संजय राउत दिल्ली पहुंचे। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं ताकि पार्टी के नौ सांसदों द्वारा एक अलग समूह बनाने के किसी भी प्रयास को रोका जा सके।
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