{"_id":"6497085c9ee43a4514090c50","slug":"coronavirus-omicron-specific-mrna-based-booster-vaccine-launched-2023-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Corona Vaccine: भारत की पहली एमआरएनए बूस्टर वैक्सीन लॉन्च, ओमिक्रॉन वेरिएंट से देगी सुरक्षा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Corona Vaccine: भारत की पहली एमआरएनए बूस्टर वैक्सीन लॉन्च, ओमिक्रॉन वेरिएंट से देगी सुरक्षा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 24 Jun 2023 08:44 PM IST
विज्ञापन
सार
भारत की पहली एमआरएनए वैक्सीन जैव प्रौद्योगिकी विभाग और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) के फंडिंग सहायता के साथ विकसित की गई है।
GEMCOVAC-OM Vaccine
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के लिए एमआरएनए बूस्टर वैक्सीन लॉन्च की। एक बयान में कहा गया है कि भारत की पहली एमआरएनए वैक्सीन जैव प्रौद्योगिकी विभाग और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) के फंडिंग सहायता के साथ विकसित की गई है।
बयान में आगे बताया गया है कि जेमकोवैक-ओएम कोविड-19 टीकों के त्वरित विकास के लिए सरकार के आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज के तहत डीबीटी और बीआईआरएसी द्वारा कार्यान्वित मिशन कोविड सुरक्षा के तहत विकसित पांचवां टीका है। इससे पहले भी कई टीके भारत में विकसित हो चुके हैं। वैक्सीन को हाल ही में इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से मंजूरी मिल गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिना सूई के लगाई जा सकेगी वैक्सीन
लॉन्च के दौरान जितेंद्र सिंह ने कहा कि मौजूदा सप्लाई चेन बुनियादी ढांचा इस टीके को विकसित करने के लिए पर्याप्त है। इस वैक्सीन की खासियत यह कि इसका टीका सुई का इस्तेमाल किए बगैर भी लगाया जा सकता है। बयान के अनुसार यह एक ‘इंट्राडर्मल’ वैक्सीन है, जिसे एक सूई रहित उपकरण ‘ट्रॉपिस’ के जरिये दिया जाता है।
जेमकोवैक-ओएम (GEMCOVAC-OM) एक थर्मोस्टेबल वैक्सीन है, जिसका मतलब है कि इसे अन्य एमआरएनए (mRNA) वैक्सीन की तरह बेहद ठंडे तापमान पर रखने की जरूरत नहीं। बताया गया है कि यह वैक्सीन 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्थिर रहता है।