Rail: गुजरात में बनेगा देश का पहला सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, जानें क्यों इस ट्रैक के लिए तैयार होगी नई ट्रेन
केंद्रीय कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। यह रेल गलियारा अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन, आगामी धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
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गुजरात को अब सुपरफास्ट रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुरुवार को रेल मंत्रालय की अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। करीब 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना रेलवे की पहली सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना होगी, जिसे स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया जाएगा। यह पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड और ग्रेड-सेपरेटेड होगा। इसके लिए 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली नई ट्रेन तैयार की जाएगी।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए कहा, यह रेल गलियारा अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन, आगामी धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी। सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना केवल दो शहरों को ही नहीं, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों को भी आपस में जोड़ने का काम करेगी।
वैष्ण्व ने कहा, इस हाई-स्पीड गलियारे के लिए पूरी तरह नई हाई स्पीड ट्रेनें तैयार की जाएगी। फिलहाल वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, जबकि नमो ट्रेन की स्पीड 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है। अब रेलवे 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली अत्याधुनिक ट्रेन विकसित करने की तैयारी कर रहा है। भविष्य में रेलवे के पास सतह पर संचालन के लिए दो तरह की हाई स्पीड ट्रेनें होंगी। इनमें एक 180 किमी प्रति घंटा और दूसरी 220 किमी प्रति घंटा की क्षमता वाली होगी। पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड और ग्रेड सेपरेटेड होगा। यानी ट्रैक जमीन से ऊपर बनाए जाएंगे और कहीं भी सड़क, रेलवे फाटक या आम यातायात के साथ क्रॉसिंग नहीं होगी। इससे ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकेगा। जिन हिस्सों में पूरी तरह सुरक्षित और बाधारहित ट्रैक होंगे, वहां ट्रेनें 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जबकि अन्य सेक्शन में जरूरत के अनुसार स्पीड सीमित रखी जाएगी।
मंत्री के अनुसार, देश की पहली सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना के तौर पर यह प्रोजेक्ट भविष्य में पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से सेमी हाई स्पीड रेल नेटवर्क विस्तार का मॉडल बनेगा। नई रेल लाइन से सीधी कनेक्टिविटी और बेहतर मोबिलिटी मिलेगी। जिससे रेलवे की कार्यक्षमता और सेवाओं की विश्वसनीयता में बड़ा सुधार होगा। अहमदाबाद जिले को कवर करने वाली इस परियोजना से रेलवे नेटवर्क में करीब 134 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। वहीं लगभग पांच लाख आबादी वाले 284 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।