दक्षिणेश्वर स्टेशन पर टला हादसा: मौत बनकर गिरा 11000V का तार, पर लोहे के डिब्बे ने बचा ली जान; देखें VIDEO
दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर 11,000 वोल्ट का तार गिरने से बड़ा हादसा टल गया। बिजली सप्लाई बंद होने और यात्रियों की सूझबूझ से सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। रेलवे ने त्वरित कार्रवाई कर रूट पर यातायात बहाल कर दिया है।
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विस्तार
चलती ट्रेन पर कैसे टूटा 11,000 वोल्ट का तार?
घटना उस वक्त हुई जब यात्री ट्रेन में सवार थे और स्टेशन पर काफी चहल-पहल थी। जैसे ही ओवरहेड वायर ट्रेन की छत से टकराया, एक ज़ोरदार धमाका हुआ। पलक झपकते ही पूरी बोगी में धुआं भर गया।
घटना के सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि घबराए यात्री अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे कूद रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर खड़े लोग भी धुएं के डर से सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नज़र आए। गनीमत यह रही कि बिजली आपूर्ति समय रहते ठप कर दी गई, जिससे कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
- हाई-वोल्टेज हादसा: लोकल ट्रेन पर 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन OHE केबल टूटी।
- यात्रियों में दहशत: ट्रेन में धुआं भरते ही यात्रियों ने जान बचाने के लिए चलती-रुकती ट्रेन से छलांग लगाई।
- स्टेशन पर अफरा-तफरी: धमाके और धुएं के कारण प्लेटफॉर्म पर भी भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
- यातायात ठप: सियालदह-दानकुनी सेक्शन पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया।
- त्वरित कार्रवाई: रेलवे की तकनीकी टीम ने तुरंत पावर कट कर मरम्मत का काम शुरू किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
रेलवे ने कैसे संभाली स्थिति और कब बहाल हुई सेवा?
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रभावित ट्रैक की बिजली सप्लाई को तुरंत बंद किया गया ताकि किसी को बिजली का झटका न लगे। इसके तुरंत बाद, रेलवे की इंजीनियरिंग और टेक्निकल टीमों को मौके पर रवाना किया गया। ओएचई केबल की युद्धस्तर पर मरम्मत की गई। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही सियालदह-दानकुनी रूट पर ट्रेन सेवाओं को फिर से सामान्य किया जा सका।
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सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं वीडियो
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। एक्स पर चित्रा पंडित नाम की एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि यह भारत में आज तक हुआ सबसे भयानक हादसा है।
इस वीडियो को देखकर रूह काँप जाएगी
— Chitra Pandit (@Chitra_speak) July 30, 2026
पश्चिम बंगाल के दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक लोकल ट्रेन के ऊपर 11,000 वोल्ट का ओवरहेड बिजली का तार टूटकर गिर गया।
सभी यात्री ट्रेन के अंदर ही थे, लेकिन सभी सही सलामत ट्रेन से बाहर निकल गए स्टेशन पर भगदड़ मच गई
इतना भयानक हादसा भारत में आज से… pic.twitter.com/PAW6CrfRgp
हालांकि यह सच है कि यात्रियों की सूझबूझ और किस्मत से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन सोशल मीडिया के इस दावे में थोड़ी अतिशयोक्ति है। फिर भी, इस घटना ने व्यस्त रेल नेटवर्क की मेंटेनेंस और यात्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोहे के डिब्बे ने कैसे बचाई यात्रियों की जान?
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रेन के कोच की लोहे (धातु) की मजबूत बॉडी ने एक 'फैराडे केज' की तरह काम किया। जब हाई-टेंशन बिजली का तार ट्रेन के ऊपर गिरा, तो सारा इलेक्ट्रिक करंट ट्रेन की बाहरी धातु की बॉडी से होते हुए सीधे पहियों के जरिए पटरी में (अर्थिंग के रूप में) चला गया। करंट ट्रेन के डिब्बे के अंदर प्रवेश नहीं कर पाया, जिससे अंदर बैठे सैकड़ों यात्री इस भयानक विद्युत झटके की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।