{"_id":"6a6c7d6296b68dc0080e6aee","slug":"death-toll-from-floods-in-assam-reaches-80-2-12-lakh-people-still-affected-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Assam Flood: असम में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 80 पहुंचा, 2.12 लाख लोग अब भी प्रभावित","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Assam Flood: असम में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 80 पहुंचा, 2.12 लाख लोग अब भी प्रभावित
Fri, 31 Jul 2026 04:18 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 31 Jul 2026 04:18 PM IST
सार
- शिवसागर में दो और मौतें, 112 राहत केंद्रों में 75 हजार से अधिक लोग।
- चार जिलों में 7 अगस्त से नुकसान का सर्वे, प्रभावित परिवारों को 15 हजार रुपये की तत्काल सहायता।
विज्ञापन
असम बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
असम में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है, लेकिन संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। पिछले 24 घंटे में शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत के बाद इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। इनमें एक बच्चा भी शामिल है, जिसकी बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, शुक्रवार को राज्य के आठ जिलों में 2,12,400 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं और 437 गांव जलमग्न हैं।
सबसे अधिक असर चराइदेव जिले में है, जहां करीब 80 हजार लोग प्रभावित हैं। शिवसागर में लगभग 71 हजार और जोरहाट में 40 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य के 21 राजस्व मंडल भी प्रभावित हैं।
चार जिलों में 112 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 75,583 विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं।
विज्ञापन
बाढ़ से 17,198 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है। सड़क, पुल और तटबंध समेत सार्वजनिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। धानसिरी नदी नुमालीगढ़ में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। करीब 2.97 लाख पशु और मुर्गियां भी बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। पिछले 24 घंटे में प्रभावित परिवारों के बीच 918 क्विंटल से अधिक चावल, 203 क्विंटल दाल, 146 क्विंटल नमक और 17,546 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया।
प्रभावित परिवारों को 15 हजार रुपये
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को राहत और पुनर्वास के लिए कई घोषणाएं कीं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को 2 और 3 अगस्त से तत्काल 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में 7 अगस्त से व्यापक नुकसान का सर्वे शुरू होगा, जिसे 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कर्जदारों को छह महीने तक ऋण की किस्तों के भुगतान में राहत दी जाएगी। आवश्यकता के अनुसार कर्ज की अवधि सात वर्ष तक बढ़ाने की भी अनुमति होगी। राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की मांग की है।
स्कूलों की वापसी की तैयारी
सरकार ने स्कूलों की बहाली के लिए आठ करोड़ रुपये जारी किए हैं। विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें भेजी जा चुकी हैं। बाढ़ और कीचड़ से प्रभावित प्रत्येक स्कूल को सफाई और मरम्मत के लिए दो से तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। स्थिति सामान्य रहने पर चार प्रभावित जिलों में 9 अगस्त से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। वहीं, चराइदेव और शिवसागर के लिए सड़कों तथा अन्य क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली हेतु विशेष विकास पैकेज तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
सबसे अधिक असर चराइदेव जिले में है, जहां करीब 80 हजार लोग प्रभावित हैं। शिवसागर में लगभग 71 हजार और जोरहाट में 40 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य के 21 राजस्व मंडल भी प्रभावित हैं।
विज्ञापन
चार जिलों में 112 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 75,583 विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं।
विज्ञापन
बाढ़ से 17,198 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है। सड़क, पुल और तटबंध समेत सार्वजनिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। धानसिरी नदी नुमालीगढ़ में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। करीब 2.97 लाख पशु और मुर्गियां भी बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। पिछले 24 घंटे में प्रभावित परिवारों के बीच 918 क्विंटल से अधिक चावल, 203 क्विंटल दाल, 146 क्विंटल नमक और 17,546 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया।
प्रभावित परिवारों को 15 हजार रुपये
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को राहत और पुनर्वास के लिए कई घोषणाएं कीं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को 2 और 3 अगस्त से तत्काल 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में 7 अगस्त से व्यापक नुकसान का सर्वे शुरू होगा, जिसे 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कर्जदारों को छह महीने तक ऋण की किस्तों के भुगतान में राहत दी जाएगी। आवश्यकता के अनुसार कर्ज की अवधि सात वर्ष तक बढ़ाने की भी अनुमति होगी। राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की मांग की है।
स्कूलों की वापसी की तैयारी
सरकार ने स्कूलों की बहाली के लिए आठ करोड़ रुपये जारी किए हैं। विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें भेजी जा चुकी हैं। बाढ़ और कीचड़ से प्रभावित प्रत्येक स्कूल को सफाई और मरम्मत के लिए दो से तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। स्थिति सामान्य रहने पर चार प्रभावित जिलों में 9 अगस्त से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। वहीं, चराइदेव और शिवसागर के लिए सड़कों तथा अन्य क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली हेतु विशेष विकास पैकेज तैयार किया जाएगा।