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Supreme Court: भ्रष्टाचार के नए मामले में डीएमके नेता सेंथिल बालाजी को राहत, सुप्रीम कोर्ट से दी अग्रिम जमानत

Fri, 31 Jul 2026 03:57 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 31 Jul 2026 03:57 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके के नेता सेंथिल बालाजी को राहत देते हुए भ्रष्टाचार के नए मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। हालांकि यह जमानत कई शर्तों के साथ दी गई है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर शर्तों का उल्लंघन हुआ तो जमानत रद्द कर दी जाएगी। 

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Supreme court grants anticipatory bail to DMK leader Senthil Balaji in fresh corruption case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को बड़ी राहत देते हुए भ्रष्टाचार मामले में अगली सुनवाई तक अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार द्वारा दर्ज कराया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कुछ शर्तों के साथ राहत प्रदान की। अदालत ने बालाजी को जांच में पूरा सहयोग करने, अपना पासपोर्ट जमा कराने और किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करने का निर्देश दिया।
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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से क्या कहा?
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गुरु कृष्णकुमार से कहा, 'अगर जमानत की शर्तों का मामूली भी उल्लंघन होता है तो तुरंत अदालत आएं। हम अपने आदेश में संशोधन या उसे रद्द कर देंगे।' इससे पहले शुक्रवार को न्यायमूर्ति वी. मोहना ने बालाजी की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
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गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (टैस्मैक) में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में अग्रिम जमानत की मांग वाली बालाजी की याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दी थी। मद्रास हाई कोर्ट ने टैस्मैक घोटाले में बालाजी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी और अमित आनंद तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। उनका कहना था कि बालाजी के खिलाफ किसी भी समय कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
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क्या हैं बालाजी पर आरोप?
सेंथिल बालाजी तमिलनाडु विधानसभा में कोयंबटूर दक्षिण सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। एफआईआर के अनुसार, टैस्मैक में दुकानों और बार के आवंटन के दौरान बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ। इसमें आरोप है कि शराब आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने डिस्टिलरियों के लिए फर्जी या बढ़े-चढ़े बिल तैयार किए और करोड़ों रुपये के कथित कमीशन का संगठित नेटवर्क संचालित किया।


बालाजी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी ने दलील दी कि मामला वर्ष 2021 से 2025 के बीच की कथित घटनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बालाजी के फरार होने की कोई आशंका नहीं है और न ही उनसे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि टैस्मैक एक स्वतंत्र निगम है और उसका संचालन अलग व्यवस्था के तहत होता है, भले ही बालाजी संबंधित विभाग के मंत्री रहे हों।
 
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