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दिल्ली हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी को दी बड़ी राहत, दिवालियापन संहिता की कार्रवाई पर लगाई रोक

Thu, 27 Aug 2020 10:33 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 27 Aug 2020 10:33 PM IST
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Delhi High Court stays Insolvency and Bankruptcy Code IBC proceedings against Anil Ambani
अनिल अंबानी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के तत्कालीन (रिपीट तत्कालीन) चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ दिवालिया समाधान प्रक्रिया (आईआरपी) पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी। यह दिवालिया प्रक्रिया भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा अनिल अंबानी की दो कंपनियों को दिए गए 1,200 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली के संबंध में शुरू की गई थी।

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अंबानी ने एसबीआई द्वारा आरकॉम और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड को दिए गए क्रमश: 565 करोड़ रुपये और 635 करोड़ रुपये के ऋण के लिए अगस्त 2016 में व्यक्तिगत गारंटी दी थी। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और रजनीश भटनागर की पीठ ने दिवालिया न ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत आईआरपी पर रोक लगाने के साथ अगली सुनवाई तक अंबानी पर अपनी संपत्तियों या कानूनी अधिकारों और हितों के स्थानांतरण, किसी को देने, ऋण लेने या बेचने पर रोक लगा दी।
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अदालत ने इस संबंध में केंद्र सरकार, भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) तथा एसबीआई को नोटिस जारी किया और कहा कि छह अक्तूबर से पहले इस पर अपना रुख स्पष्ट करें। इस मामले की अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होनी है। अदालत ने यह भी कहा कि कॉरपोरेट देनदार (कंपनियों) के संबंध में कार्रवाई जारी रहेगी, और इस दौरान आईआरपी द्वारा निजी गारंटी देने वाले (अंबानी) की देनदारियों की जांच भी की जा सकती है।
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अदालत ने कहा, ‘हालांकि, आईबीसी के भाग तीन के तहत याचिकाकर्ता (अंबानी) के खिलाफ कार्रवाई स्थगित रहेगी।’ अंबानी ने अपनी याचिका में आईबीबीआई के नियमन (कर्जदार कंपनी को व्यक्तिगत गारंटी देने संबंधी दिवाला समाधान प्रक्रिया) 2019 की संवैधानिकता को चुनौती थी। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 20 अगस्त को दिए अपने आदेश में अंबानी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा था।


एनसीएलटी ने कहा था कि रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस इंफ्राटेल दोनों कर्ज की किस्तें चुकानें में असफल रहीं। एनसीएलटी ने एक समाधान पेशेवर की नियुक्ति का आदेश दिया था और एसबीआई को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा था।

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