Civic Polls: 'कोई मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं कर सकता', महायुति रैली में ठाकरे परिवार पर जमकर बरसे फडणवीस
महायुति रैली में सीएम फडणवीस ने मुंबई, महाराष्ट्र समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर ठाकरे परिवार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे वोट के लिए मराठी भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएम ने यह भी कहा कि मुंबई को कोई भी महाराष्ट्र से अलग नहीं कर सकता है।
विस्तार
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले निगर निकाय चुनावों से पहले राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज है। दूसरी ओर राज्य के चनावी रण में राजनीतिक पार्टियों की तैयारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी अपने चरम पर है। इसी क्रम में सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महायुति के समर्थन में रैली में अपने विपक्षी दलों पर खूब निशाना साधा। फडणवीस ने जोर देते हुए कहा कि कोई भी मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की हिम्मत नहीं कर सकता।
उन्होंने साफ किया कि मुंबई हमेशा महाराष्ट्र का हिस्सा रहेगा और इसका कोई विकल्प नहीं है। सीएम फडणवीस ने महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर भी अहम बातें की। सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी भाषा ही अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल मराठी लोग ही बीएमसी के अहम पदों पर होंगे।
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ठाकरे परिवार पर जमकर साधे निशाना
इस दौरान फडणवीस ने सीधे ठाकरे परिवार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मराठी लोगों का अस्तित्व खतरे में नहीं है। जो खतरे में हैं, वह आप (ठाकरे परिवार) हैं। सीएम ने कहा कि अगर आप कहते हैं कि मराठी मनुष की सुरक्षा खतरे में है, तो पिछले 30 साल आप इसके लिए क्या कर रहे थे? फडणवीस ने ठाकरे परिवार पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ वोट के लिए मराठी लोगों की भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाई का उठाया मुद्दा
इसके साथ ही फडणवीस ने स्कूलों में भाषा को लेकर भी ठाकरे सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि ठाकरे सरकार में एक रिपोर्ट थी जिसमें हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाने की सिफारिश थी। यह रिपोर्ट सितंबर 2021 में तैयार हुई थी और जनवरी 2022 में मंजूर की गई। इसके बाद फडणवीस सरकार ने सिर्फ इसकी क्रियान्वयन जांच करने के लिए समिति बनाई, जिस पर उनके मुताबिक हंगामा किया गया।
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शिंदे ने भी ठाकरे परिवार को लिया आड़े हाथ
दूसरी ओर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी महायुति की रैली में अपने विरोधियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मराठी लोगों का अस्तित्व कभी खतरे में नहीं रहा और भविष्य में भी नहीं रहेगा। शिंदे ने कहा कि यह चुनाव महायुति की जीत लेकर आएगा और इसे उन्होंने सफेद पथर पर केसरिया रेखा बताते हुए महत्व बताया। शिंदे ने सीधे ठाकरे परिवार और उनके समर्थकों पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब उनके विरोधी पार्टी के नेता और कॉर्पोरेटर अलग हुए, तो उन्होंने अपना मंत्री पद और सब कुछ छोड़ दिया, जबकि उनके विरोधियों ने कथित रूप से पैसे बांटे।
इसके अलावा शिंदे ने विकास कार्यों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ठाकराय सरकार ने मुंबई की मेट्रो परियोजना में देरी कराई, जिससे लागत में 10,000 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि अब वे यह कह रहे हैं कि विकास के कारण मुंबई की हवा खराब हो रही है और लोग खांस रहे हैं। शिंदे ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी यह शिकायत समझ में आती है।
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