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SC: शराब घोटाला मामले को उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने उठाए ये सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:26 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में सह-आरोपी एक पूर्व सरकारी अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उत्तर प्रदेश में दर्ज मुकदमे को छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करने की मांग की, लेकिन पीठ ने इस पर आपत्ति जताई। जानिए पीठ ने क्या सवाल उठाए।
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले से जुड़ी एक याचिका को खारिज कर दिया है। दरअसल याचिका में उत्तर प्रदेश में दर्ज मामले को छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करने की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कई सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इससे मामले में अन्य सह-आरोपियों को परेशानी होगी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में सह-आरोपी निरंजन दास की याचिका पर सुनवाई की। निरंजन दास छत्तीसगढ़ सरकार के रिटायर्ड अधिकारी हैं।
क्या है पूरा मामला
पीठ ने 19 जनवरी तक टाली सुनवाई
पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि आपको थोड़ी राहत दी जा सकती है और उत्तर प्रदेश में मुकदमे में वर्चुअली शामिल होने की मंजूरी दी जा सकती है। इसके बाद पीठ ने मामले में शामिल अन्य सहआरोपियों को भी टैग करने का निर्देश दिया। पीठ ने मामले की सुनवाई 19 जनवरी तक टाल दी।
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच चल रही है। यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार में किया गया। आरोप है कि इस घोटाले के चलते राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। राज्य की शराब नीति में फेरबदल कर इस कथित घोटाले को अंजाम दिया गया।
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क्या है पूरा मामला
- याचिका में कहा गया कि शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ के साथ ही उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज हुआ।
- याचिका में कहा गया कि दोनों ही छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में दर्ज, दोनों ही मामलों में समान आरोप हैं। इसके चलते याचिका में मांग की गई कि उत्तर प्रदेश में चल रहे मामले को भी छत्तीसगढ़ ट्रांसफर कर दिया जाए।
- हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे नहीं माना। पीठ ने कहा कि अगर मामला छत्तीसगढ़ ट्रांसफर कर दिया जाता है तो इससे मामले में सह-आरोपी, जो उत्तर प्रदेश के हैं, उन्हें परेशानी होगी।
- पीठ ने कहा कि जो लोग नोएडा के निवासी हैं और मुकदमा रायपुर स्थानांतरित कर दिया जाता है तो उन्हें परेशानी होगी।
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पीठ ने 19 जनवरी तक टाली सुनवाई
पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि आपको थोड़ी राहत दी जा सकती है और उत्तर प्रदेश में मुकदमे में वर्चुअली शामिल होने की मंजूरी दी जा सकती है। इसके बाद पीठ ने मामले में शामिल अन्य सहआरोपियों को भी टैग करने का निर्देश दिया। पीठ ने मामले की सुनवाई 19 जनवरी तक टाल दी।
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच चल रही है। यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार में किया गया। आरोप है कि इस घोटाले के चलते राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। राज्य की शराब नीति में फेरबदल कर इस कथित घोटाले को अंजाम दिया गया।