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आवारा कुत्ता मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'डॉग बाइट' पर तय कर सकते हैं सरकार और खाना खिलाने वाले की जवाबदेही

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: लव गौर Updated Tue, 13 Jan 2026 01:49 PM IST
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सार

Supreme Court Dog Case: आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए जानवर प्रेमियों और उन्हें खाना खिलाने वालों को भी 'जिम्मेदार' और 'जवाबदेह' ठहराया जाएगा।

Supreme Court Dog Case Hearing mulls fixing liability on states and stray dog feeders for dog-bite incidents
आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (13 जनवरी) को आवारा कुत्तों के मामले पर अहम सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।
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आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक
शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए।
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यह मौखिक टिप्पणी तब आई जब न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ आवारा कुत्तों के मुद्दे से संबंधित स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए कुत्ते प्रेमियों और उन्हें खाना खिलाने वालों को भी 'जिम्मेदार' और 'जवाबदेह' ठहराया जाएगा।




तय होगी जिम्मेदारी और जवाबदेही
न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, 'कुत्तों के काटने से बच्चों या बुजुर्गों की मृत्यु या चोट के हर मामले के लिए हम राज्य सरकारों से भारी मुआवजा वसूलने की मांग करेंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में नियमों के कार्यान्वयन के संबंध में कुछ नहीं किया है। साथ ही इन आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी। अगर आपको इन जानवरों से इतना प्यार है, तो आप उन्हें अपने घर क्यों नहीं ले जाते? ये कुत्ते इधर-उधर क्यों घूमते हैं, लोगों को काटते हैं और डराते हैं?'

न्यायमूर्ति मेहता ने न्यायमूर्ति नाथ के विचारों से सहमति जताते हुए कहा, 'जब कुत्ते 9 साल के बच्चे पर हमला करते हैं तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए? क्या उस संगठन को जो उन्हें खाना खिला रहा है? आप चाहते हैं कि हम इस समस्या से आंखें मूंद लें।'

ये भी पढ़ें: Indore News: शहर में कुत्तों का खौफ, एक साल में 48 हजार लोगों को शिकार बनाया

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर, 2025 के अपने उस आदेश में संशोधन की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें अधिकारियों को संस्थागत क्षेत्रों और सड़कों से इन आवारा जानवरों को हटाने का निर्देश दिया गया था। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट पिछले साल 28 जुलाई को शुरू किए गए एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा है, जो राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज, विशेष रूप से बच्चों के बारे में एक मीडिया रिपोर्ट से संबंधित है।


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