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ED: अमेरिका के ईसाई संगठन और छह अन्य के खिलाफ केस दर्ज, छह महीने में 92.55 करोड़ रुपये का अवैध इस्तेमाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 15 Jun 2026 04:01 AM IST
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सार
ईडी की शिकायत के आधार पर बंगलूरू में अमेरिका से जुड़े एक ईसाई संगठन और कई व्यक्तियों के खिलाफ यूएपीए के साथ अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि विदेशी डेबिट कार्डों के नेटवर्क के माध्यम से बड़ी मात्रा में विदेशी धन भारत में निकाला और इस्तेमाल किया गया। इससे विदेशी मुद्रा और विदेशी चंदा संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ।
ईडी की शिकायत पर कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईडी की शिकायत पर बंगलूरू में अमेरिका के एक ईसाई संगठन और छह अन्य लोगों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। इन सभी पर विदेशी डेबिट कार्ड के नेटवर्क के जरिये विदेशी फंड का गैर-कानूनी इस्तेमाल करने का आरोप है, जिसे छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी इस्तेमाल किया गया।
ईडी के सहायक निदेशक सुनील कुमार सिंहमर की शिकायत पर कोथानूर पुलिस थाने ने 11 जून को बीएनएस और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत ये प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी में जोनाथन एस राजन, मीका मार्क, अजीत वर्गीस मथाई, वर्गीस चाको, बबलू कुर्मी, सुप्रीम जॉय, अमेरिका स्थित संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने आरोप लगाया कि आयकर अधिनियम और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत 18 और 19 अप्रैल को ली गई तलाशी के दौरान पता चला कि आरोपियों ने टीटीआई के साथ मिलकर अमेरिकी बैंक की ओर से जारी विदेशी डेबिट कार्ड्स से भारत भर में विदेशी धन निकाला और उसका इस्तेमाल किया।
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छह माह में 92.55 करोड़ रुपये का अवैध इस्तेमाल
एजेंसी का आरोप है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच छह महीनों में लगभग 92.55 करोड़ रुपये का अवैध इस्तेमाल किया गया, जो फेमा और एफसीआरए के प्रावधानों का उल्लंघन है। प्राथमिकी के अनुसार, मीका मार्क को 18 अप्रैल को बंगलूरू के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था और उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए थे। आरोप कि देशभर में ऐसे 1,000 से अधिक कार्ड वितरित किए गए थे। इनमें से कई पर संतोष कुमार जैसा आम नाम लिखा था।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध निकासी
ईडी ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के नक्सली उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध नकद निकासी का पता चला है। प्राथमिकी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में धमतरी और बस्तर सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 6.34 करोड़ रुपये निकाले जाने का अनुमान है।
ईडी के सहायक निदेशक सुनील कुमार सिंहमर की शिकायत पर कोथानूर पुलिस थाने ने 11 जून को बीएनएस और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत ये प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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प्राथमिकी में जोनाथन एस राजन, मीका मार्क, अजीत वर्गीस मथाई, वर्गीस चाको, बबलू कुर्मी, सुप्रीम जॉय, अमेरिका स्थित संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने आरोप लगाया कि आयकर अधिनियम और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत 18 और 19 अप्रैल को ली गई तलाशी के दौरान पता चला कि आरोपियों ने टीटीआई के साथ मिलकर अमेरिकी बैंक की ओर से जारी विदेशी डेबिट कार्ड्स से भारत भर में विदेशी धन निकाला और उसका इस्तेमाल किया।
छह माह में 92.55 करोड़ रुपये का अवैध इस्तेमाल
एजेंसी का आरोप है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच छह महीनों में लगभग 92.55 करोड़ रुपये का अवैध इस्तेमाल किया गया, जो फेमा और एफसीआरए के प्रावधानों का उल्लंघन है। प्राथमिकी के अनुसार, मीका मार्क को 18 अप्रैल को बंगलूरू के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था और उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए थे। आरोप कि देशभर में ऐसे 1,000 से अधिक कार्ड वितरित किए गए थे। इनमें से कई पर संतोष कुमार जैसा आम नाम लिखा था।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध निकासी
ईडी ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के नक्सली उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध नकद निकासी का पता चला है। प्राथमिकी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में धमतरी और बस्तर सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 6.34 करोड़ रुपये निकाले जाने का अनुमान है।