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Hindi News ›   India News ›   ED: Ponzi scheme network across four states; ₹2,110 crore raised from investors through deception.

ED: चार राज्यों में पोंजी स्कीम का जाल, निवेशकों से झूठ बोलकर जुटाए गए 2110 करोड़ रुपये

Fri, 14 Aug 2026 03:34 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला Published by: जितेंद्र भारद्वाज Updated Fri, 14 Aug 2026 03:34 PM IST
सार

ईडी ने करोड़ों रुपये की पोंजी स्कीम चलाने के आरोप में शिवानंद सिद्दप्पा नीलान्नवर को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि चार राज्यों में 3% मासिक रिटर्न का झांसा देकर निवेशकों से ₹2,110.97 करोड़ जुटाए गए। 

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ED: Ponzi scheme network across four states; ₹2,110 crore raised from investors through deception.
ईडी की बड़ी कार्रवाई - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मैंगलोर सब-जोनल ऑफिस ने 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002' के तहत कई राज्यों में फैले करोड़ों रुपये के पोंजी-स्टाइल स्कीम मामले में शिवानंद सिद्दप्पा नीलान्नवर को गिरफ़्तार किया है। पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने चार राज्यों में पोंजी स्कीम का जाल फैला रखा था। निवेशकों से झूठ बोलकर 2110.97 करोड़ रुपये जुटाए गए। चार राज्यों में डिजिटल मैपिंग सिस्टम पोंजी स्कीम को आगे बढ़ाया गया। शिवम एसोसिएट्स के फंड के लेन-देन को पूरी तरह से शिवानंद द्वारा मैनेज किया जाता था। मैंगलोर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने शिवानंद सिद्दप्पा को 12 दिन के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। 
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पैसे निवेश करने के लिए उकसाया ... 
ईडी ने बेलागावी शहर के मालमरुथी पुलिस स्टेशन द्वारा 'अनरेगुलेटेड डिपॉज़िट स्कीम पर रोक अधिनियम, 2019' और 'कर्नाटक वित्तीय संस्थानों में जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा अधिनियम, 2004' के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि लोगों को बहुत ज़्यादा और पक्के रिटर्न का वादा करके पैसे निवेश करने के लिए उकसाया गया था। जांच में पता चला है कि शिवम एसोसिएट्स एक बहुत ही व्यवस्थित, कई राज्यों में फैली पोंजी स्कीम चला रही थी, जो मुख्य रूप से इसके ज़्यादा हिस्सेदारी वाले पार्टनर शिवानंद सिद्दप्पा नीलान्नवर के कंट्रोल में थी। 
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रेफरल के लिए 0.5% प्रतिशत कमीशन ...  
पार्टनरशिप फर्म ने तीन प्रतिशत के बहुत ज़्यादा मासिक रिटर्न का झूठा वादा करके आम निवेशकों से 2,110.97 करोड़ रुपये की भारी रकम गैर-कानूनी तरीके से जुटाई थी। पीड़ितों को लुभाने के लिए कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा और छत्तीसगढ़ में एक डिजिटल मैपिंग सिस्टम और बड़े रेफरल नेटवर्क का व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल किया गया था। स्वतंत्र सलाहकारों के माध्यम से पीड़ितों को लुभाने के लिए व्यवस्थित रूप से एक सिस्टम तैयार किया गया। उन्हें रेफरल के लिए 0.5% प्रतिशत के रूप में कमीशन दिया जाता था। 
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फर्म को शेयर बाजार में लगातार नुकसान ... 
शिवम एसोसिएट्स एक ऐसी पोंजी-स्टाइल स्कीम चला रही थी, जो लंबे समय तक नहीं चल सकती थी। इसने निवेशकों से ₹2,110.97 करोड़ जमा किए, लेकिन उन्हें बहुत कम रकम ही वापस की। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि फर्म को 2019 से शेयर बाज़ार में भारी और लगातार नुकसान हो रहा था। इन कमियों को छिपाने और बाज़ार में अपनी अच्छी छवि बनाए रखने के लिए, बाद के निवेशकों से जमा की गई मूल रकम का इस्तेमाल सीधे पुराने निवेशकों का ब्याज चुकाने में किया गया। 


पर्सनल गाड़ियां खरीदी तो आलीशान बंगले बनाए ...  
लिक्विड फंड्स को तेजी से कई पर्सनल अकाउंट्स, परिवार के सदस्यों और जुड़ी हुई कंपनियों (जैसे शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड और शिवम प्रोडक्शंस) के जरिए घुमाया। इस गैर-कानूनी पैसे का इस्तेमाल महंगी पर्सनल गाड़ियां खरीदने, आलीशान बंगले बनाने, नाम-मात्र के पार्टनर के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने और फ़िल्म प्रोडक्शन में खर्च करने के लिए किया गया। नतीजतन, इस गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए पैसे को पीएमएलए के तहत 'अपराध से हुई कमाई' माना गया है। बाकी देनदारियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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