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ED: जाली दस्तावेजों से 20 करोड़ की कमाई, लैब रिपोर्ट भी फर्जी; मिलावटी उत्पाद निर्यात कर रही कंपनी पर शिकंजा

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jyoti Bhaskar Updated Fri, 24 Apr 2026 03:37 PM IST
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ED Probe reveals 20 Crore Earning Through Forged Documents Fake Lab Reports Adulterated items Export case
ED (सांकेतिक) - फोटो : Adobe Stock
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (जेजीएफपीपीएल) और अन्य से संबंधित चल रही धन शोधन की जांच के सिलसिले में सुनील त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। विशेष न्यायालय (पीएमएलए), भोपाल ने आरोपी को 28 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। मेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व सीईओ, आरोपी सुनील त्रिपाठी ने ईडी की जांच में सहयोग नहीं किया। ईडी द्वारा जारी किए गए कई ईमेल संदेश और समन को जानबूझकर नजरअंदाज किया। आरोप है कि इस मामले में जाली दस्तावेजों के बल पर कंपनी ने मिलावटी उत्पादों का निर्यात कर 20 करोड़ रुपये की आपराधिक आय एकत्रित की। खास बात है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने निर्यात निरीक्षण एजेंसी (ईआईए) को जाली लैब रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

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ईडी ने एक अप्रैल को गुजरात के वडोदरा स्थित त्रिपाठी के परिसर में पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी ली थी। इसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और उपकरण जब्त किए गए। 9.36 लाख रुपये की खाता शेष राशि फ्रीज कर दी गई है। इससे पहले उक्त मामले में, ईडी ने मेसर्स जेजीएफपीपीएल के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को 13 मार्च को पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। वे अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
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ईडी ने मेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत भोपाल के हबीबगंज पुलिस स्टेशन और ईओडब्ल्यू, भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।

पीएमएलए के तहत जांच में पता चला है कि कंपनी के पूर्व सीईओ सुनील त्रिपाठी ने जाली दस्तावेजों को तैयार करने, निर्यात कार्यों की निगरानी करने और अपराध की आय उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच में पता चला है कि मेसर्स जेजीएफपीपीएल डेयरी उत्पादों में बड़े पैमाने पर मिलावट करने और निर्यात मंजूरी प्राप्त करने के लिए इंदौर स्थित निर्यात निरीक्षण एजेंसी (ईआईए) को प्रस्तुत जाली प्रयोगशाला रिपोर्टों के आधार पर ऐसे उत्पादों का निर्यात करने में शामिल थी। 

जाली दस्तावेजों के बल पर कंपनी ने मिलावटी उत्पादों का निर्यात किया और लगभग 20.59 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की। इसे बाद में कंपनी ने अपने बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया। 

ईडी ने किशन मोदी और अन्य लोगों से संबंधित 20.59 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच करने का अंतरिम कुर्की आदेश भी जारी किया है। अपराध से प्राप्त अतिरिक्त धनराशि की पहचान करने, धन के प्रवाह का पता लगाने और धन शोधन में अन्य व्यक्तियों/संस्थाओं की संलिप्तता सुनिश्चित करने के लिए ईडी की जांच जारी है।

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