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ED: 500 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रंग शारदा होटल और प्रभादेवी की जमीन जब्त
Sun, 26 Jul 2026 10:51 AM IST
सुनील मेहरोत्रा
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुनील मेहरोत्रा
Updated Sun, 26 Jul 2026 10:51 AM IST
सार
ईडी ने 512 करोड़ रुपये की धांधली के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई में कई जगहों पर छापेमारी की। ईडी ने मुंबई के रंग शारदा होटल और प्रभादेवी इलाके में स्थित भूखंड को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।
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ईडी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के बांद्रा स्थित मशहूर रंग शारदा होटल और प्रभादेवी स्थित एक भूखंड को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। ईडी के मुताबिक, जब्त की गई दोनों संपत्तियों की कुल कीमत करीब 332 करोड़ रुपये है। एजेंसी का दावा है कि पूरे मामले में करीब 512 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई।
क्या है मामला?
ईडी की जांच प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही है। एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की संपत्तियों पर की गई है। मामला उस जमीन से जुड़ा है, जिसे महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) ने मराठी नाटक, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रियायती शर्तों पर रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट को आवंटित किया था।
जमीन आवंटन की शर्तों का हुआ उल्लंघन
जांच एजेंसी के अनुसार, जिस उद्देश्य के लिए जमीन आवंटित की गई थी, उसका पालन नहीं किया गया। आरोप है कि जमीन का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया और आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए उससे भारी आर्थिक लाभ कमाया गया। ईडी ने बताया कि उसकी जांच बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह शिकायत रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने दर्ज कराई थी। शिकायत में प्रभुदास वीरचंद लोटिया और रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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थिएटर की बजाय बार और मैरिज हॉल बनाया गया
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि ट्रस्ट को आवंटित जमीन पर लोटिया ने रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से अवैध कब्जा कर लिया। इसके बाद सरकारी मंजूरियों और जमीन आवंटन की शर्तों की अनदेखी करते हुए पूरे परिसर का व्यावसायिक उपयोग किया गया। ईडी के अनुसार, कंपनी को समझौते के तहत यहां एक ड्रामा थिएटर और कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था बनाकर ट्रस्ट को सौंपनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बजाय आवश्यक कानूनी मंजूरियां प्राप्त किए बिना परिसर में होटल, ठहरने के कमरे, रेस्टोरेंट, शराब का बार, मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए गए।
512 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप
एजेंसी का आरोप है कि प्रभुदास वीरचंद लोटिया ने ट्रस्ट की जमीन पर बने व्यावसायिक परिसरों की गैरकानूनी तरीके से बिक्री भी की। इनसे प्राप्त धन का इस्तेमाल प्रभादेवी में दूसरी संपत्ति खरीदने में किया गया। ईडी के मुताबिक, होटल, रेस्टोरेंट, बार, मैरिज हॉल, दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से करीब 512 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने की कोशिश की गई। इसी मामले में अब 332 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया गया है और मामले की जांच जारी है।
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क्या है मामला?
ईडी की जांच प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही है। एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की संपत्तियों पर की गई है। मामला उस जमीन से जुड़ा है, जिसे महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) ने मराठी नाटक, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रियायती शर्तों पर रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट को आवंटित किया था।
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जमीन आवंटन की शर्तों का हुआ उल्लंघन
जांच एजेंसी के अनुसार, जिस उद्देश्य के लिए जमीन आवंटित की गई थी, उसका पालन नहीं किया गया। आरोप है कि जमीन का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया और आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए उससे भारी आर्थिक लाभ कमाया गया। ईडी ने बताया कि उसकी जांच बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह शिकायत रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने दर्ज कराई थी। शिकायत में प्रभुदास वीरचंद लोटिया और रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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थिएटर की बजाय बार और मैरिज हॉल बनाया गया
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि ट्रस्ट को आवंटित जमीन पर लोटिया ने रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से अवैध कब्जा कर लिया। इसके बाद सरकारी मंजूरियों और जमीन आवंटन की शर्तों की अनदेखी करते हुए पूरे परिसर का व्यावसायिक उपयोग किया गया। ईडी के अनुसार, कंपनी को समझौते के तहत यहां एक ड्रामा थिएटर और कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था बनाकर ट्रस्ट को सौंपनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बजाय आवश्यक कानूनी मंजूरियां प्राप्त किए बिना परिसर में होटल, ठहरने के कमरे, रेस्टोरेंट, शराब का बार, मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए गए।
512 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप
एजेंसी का आरोप है कि प्रभुदास वीरचंद लोटिया ने ट्रस्ट की जमीन पर बने व्यावसायिक परिसरों की गैरकानूनी तरीके से बिक्री भी की। इनसे प्राप्त धन का इस्तेमाल प्रभादेवी में दूसरी संपत्ति खरीदने में किया गया। ईडी के मुताबिक, होटल, रेस्टोरेंट, बार, मैरिज हॉल, दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से करीब 512 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने की कोशिश की गई। इसी मामले में अब 332 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया गया है और मामले की जांच जारी है।