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टीएमसी सांसद से जुड़े अखबार पर ईडी का शिकंजा: 24 घंटे की तलाशी में 60 करोड़ की कथित गड़बड़ी, क्या है मामला?
Tue, 08 Sep 2026 02:42 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:42 PM IST
सार
ईडी ने टीएमसी सांसद नदीमुल हक और उनसे जुड़े उर्दू अखबार के ठिकानों पर 24 घंटे से ज्यादा तलाशी ली। एजेंसी के मुताबिक, करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन में कथित वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं। हवाला के जरिए रकम की आवाजाही और टीएमसी से जुड़े फंड की भी जांच हो रही है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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ईडी की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने टीएमसी के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक और उनसे जुड़े एक उर्दू अखबार के ठिकानों पर 24 घंटे से ज्यादा समय तक तलाशी ली। यह कार्रवाई सात सितंबर की सुबह शुरू हुई और मंगलवार तड़के पूरी हुई। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन में कथित वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। इन लेनदेन के समर्थन में जरूरी रिकॉर्ड तुरंत नहीं मिल सके। अब एजेंसी इन पैसों के लेनदेन की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
60 करोड़ रुपये के लेनदेन को लेकर ईडी को क्या शक?
ईडी कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी देख रही है कि कहीं कुछ रकम हवाला चैनलों के जरिए तो नहीं भेजी गई। जांचकर्ताओं को करीब 60 करोड़ रुपये के ऐसे लेनदेन मिले हैं, जिनके लिए उन्हें तत्काल संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं मिले। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये वास्तविक कारोबारी लेनदेन थे या रकम को अनौपचारिक माध्यमों से इधर-उधर किया गया।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की। नदीमुल हक से उनके कोलकाता स्थित आवास और कार्यालय में भी पूछताछ की गई। ईडी अब इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पैसों की आवाजाही को समझने की कोशिश कर रही है।
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क्या टीएमसी से जुड़े फंड की भी हो रही है जांच?
ईडी जांच में टीएमसी से जुड़े फंड की कथित आवाजाही को भी देख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का एक हिस्सा यह पता लगाने पर केंद्रित है कि अखबार से जुड़े लेनदेन और टीएमसी से जुड़े पैसों के बीच कोई संबंध था या नहीं। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। ऑपरेशन शुरू होने के समय नदीमुल हक रांची में थे। सोमवार रात उन्हें कोलकाता लाया गया। इसके बाद उनके आवास और कार्यालय में तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ की गई।
यह भी पढ़ें: ‘नाराज फूफा’ के बाद अब ‘झूठ की गूंज’: पीएम मोदी ने विपक्ष को फिर घेरा, और क्या-क्या कहा?
ईडी ने किन-किन जगहों पर तलाशी ली?
ईडी ने कोलकाता के अलावा दिल्ली और रांची में भी तलाशी ली। कुल सात अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इनमें कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार का कार्यालय और नदीमुल हक से जुड़े परिसर भी शामिल थे। यह मामला बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एक एफआईआर से शुरू हुआ। इसके बाद ईडी ने भी इस मामले में एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट यानी ईसीआईआर दर्ज की। केस में अवैध और बिना हिसाब वाले वित्तीय लेनदेन के साथ संदिग्ध स्रोतों से रकम मिलने के आरोपों की जांच की जा रही है।
क्या मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
फिलहाल इस मामले में ईडी ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच कर रही है। उसका मकसद लेनदेन की पूरी कड़ी का पता लगाना और यह समझना है कि रकम की प्रकृति और स्रोत क्या था। अब जांच में यह देखा जाएगा कि करीब 60 करोड़ रुपये से जुड़े लेनदेन वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का हिस्सा थे या इनके लिए अनौपचारिक वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल किया गया। ईडी इसी आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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60 करोड़ रुपये के लेनदेन को लेकर ईडी को क्या शक?
ईडी कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी देख रही है कि कहीं कुछ रकम हवाला चैनलों के जरिए तो नहीं भेजी गई। जांचकर्ताओं को करीब 60 करोड़ रुपये के ऐसे लेनदेन मिले हैं, जिनके लिए उन्हें तत्काल संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं मिले। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये वास्तविक कारोबारी लेनदेन थे या रकम को अनौपचारिक माध्यमों से इधर-उधर किया गया।
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तलाशी के दौरान अधिकारियों ने बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की। नदीमुल हक से उनके कोलकाता स्थित आवास और कार्यालय में भी पूछताछ की गई। ईडी अब इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पैसों की आवाजाही को समझने की कोशिश कर रही है।
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क्या टीएमसी से जुड़े फंड की भी हो रही है जांच?
ईडी जांच में टीएमसी से जुड़े फंड की कथित आवाजाही को भी देख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का एक हिस्सा यह पता लगाने पर केंद्रित है कि अखबार से जुड़े लेनदेन और टीएमसी से जुड़े पैसों के बीच कोई संबंध था या नहीं। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। ऑपरेशन शुरू होने के समय नदीमुल हक रांची में थे। सोमवार रात उन्हें कोलकाता लाया गया। इसके बाद उनके आवास और कार्यालय में तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ की गई।
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ईडी ने किन-किन जगहों पर तलाशी ली?
ईडी ने कोलकाता के अलावा दिल्ली और रांची में भी तलाशी ली। कुल सात अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इनमें कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार का कार्यालय और नदीमुल हक से जुड़े परिसर भी शामिल थे। यह मामला बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एक एफआईआर से शुरू हुआ। इसके बाद ईडी ने भी इस मामले में एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट यानी ईसीआईआर दर्ज की। केस में अवैध और बिना हिसाब वाले वित्तीय लेनदेन के साथ संदिग्ध स्रोतों से रकम मिलने के आरोपों की जांच की जा रही है।
क्या मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
फिलहाल इस मामले में ईडी ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच कर रही है। उसका मकसद लेनदेन की पूरी कड़ी का पता लगाना और यह समझना है कि रकम की प्रकृति और स्रोत क्या था। अब जांच में यह देखा जाएगा कि करीब 60 करोड़ रुपये से जुड़े लेनदेन वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का हिस्सा थे या इनके लिए अनौपचारिक वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल किया गया। ईडी इसी आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगी।