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'विफल हुई विपक्ष की साजिश': एकनाथ शिंदे ने साधा निशाना, कहा- छात्रों की हुई जीत; राजनीति करने वाले हारे
Sun, 26 Jul 2026 07:56 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई,मुंबई।
पीटीआई,मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 26 Jul 2026 07:56 PM IST
सार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया है कि विपक्ष ने नीट मुद्दे पर छात्रों के आंदोलन का इस्तेमाल देश में अस्थिरता फैलाने के लिए किया। सरकार की त्वरित कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और जनता की समझदारी से विपक्ष की यह राजनीतिक साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई।
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एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि जनता ने विपक्ष की उस साजिश को नाकाम कर दिया है, जिसके तहत छात्रों के आंदोलन के जरिए देश में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही थी। शिंदे मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखे बाण चलाए।
क्या थी आंदोलन के पीछे की राजनीति?
शिंदे ने नीट पेपर लीक को देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की। सरकार ने छात्रों के भविष्य को सबसे ऊपर रखा। शिंदे ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है, जो एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक कदम है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों की भावनाओं से खेलने का प्रयास किया। लेकिन मोदी सरकार ने सीधे एक्शन लेकर न्याय दिया। जीत छात्रों की हुई और राजनीति करने वाले हार गए।
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यह भी पढ़ें: PM मोदी ने जारी किया नया वीडियो: परीक्षा सुधारों पर बड़ा एलान, नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन
बांग्लादेश जैसे हालात बनाना चाहता था विपक्ष: शिंदे
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिंदे ने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बावजूद पीएम आवास की ओर मार्च क्यों निकाला गया? उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एसपीजी एक्ट बना था। पीएम आवास के आसपास प्रदर्शन पर रोक है। यह जानते हुए भी राहुल गांधी ने वहां भीड़ जुटाई। शिंदे ने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी अशांति पैदा करना चाहता था। लेकिन देश की जनता ने इस मंसूबे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई की पांच बड़ी बातें
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क्या थी आंदोलन के पीछे की राजनीति?
शिंदे ने नीट पेपर लीक को देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की। सरकार ने छात्रों के भविष्य को सबसे ऊपर रखा। शिंदे ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है, जो एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक कदम है।
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उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों की भावनाओं से खेलने का प्रयास किया। लेकिन मोदी सरकार ने सीधे एक्शन लेकर न्याय दिया। जीत छात्रों की हुई और राजनीति करने वाले हार गए।
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बांग्लादेश जैसे हालात बनाना चाहता था विपक्ष: शिंदे
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिंदे ने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बावजूद पीएम आवास की ओर मार्च क्यों निकाला गया? उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एसपीजी एक्ट बना था। पीएम आवास के आसपास प्रदर्शन पर रोक है। यह जानते हुए भी राहुल गांधी ने वहां भीड़ जुटाई। शिंदे ने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी अशांति पैदा करना चाहता था। लेकिन देश की जनता ने इस मंसूबे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई की पांच बड़ी बातें
- कड़ा कानून: दोषियों के लिए 10 साल तक की कठोर जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान।
- फास्ट-ट्रैक कोर्ट: इस मामले में सभी दोषियों पर फास्ट-ट्रैक अदालतों में मुकदमा चलेगा।
- कोई छूट नहीं: नए कानून के तहत किसी भी दोषी को कोई कानूनी राहत नहीं मिलेगी।
- अधिकारियों पर गाज: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े 47 अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।
- सीबीआई जांच: पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, कई आरोपी गिरफ्तार।