{"_id":"6972b085bc6583cefb077238","slug":"environmental-threats-buried-in-political-noise-will-weigh-heavily-on-humanity-in-the-long-term-wef-warns-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"WEF: राजनीति के शोर में दबते पर्यावरणीय खतरे लंबी अवधि में पूरी मानवता पर पड़ेंगे भारी, फोरम ने दी चेतावनी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
WEF: राजनीति के शोर में दबते पर्यावरणीय खतरे लंबी अवधि में पूरी मानवता पर पड़ेंगे भारी, फोरम ने दी चेतावनी
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 23 Jan 2026 04:50 AM IST
विज्ञापन
सार
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट-2026 में चेताया गया है कि भले ही अभी जियोपॉलिटिकल तनाव और आर्थिक अस्थिरता नीतियों की प्राथमिकता बने हुए हैं, लेकिन लंबे समय में सबसे बड़ा खतरा पर्यावरण ही रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार 2036 तक चरम मौसम की घटनाएं लगातार शीर्ष वैश्विक जोखिम बनी रहेंगी।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट-2026 यह साफ संकेत देती है कि भले ही निकट भविष्य में जियोपॉलिटिकल तनाव और आर्थिक अस्थिरता नीतिगत प्राथमिकताओं पर हावी दिखें, लेकिन लंबी अवधि में मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा अब भी पर्यावरण ही रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक चरम मौसमीय घटनाएं 2036 तक लगातार शीर्ष वैश्विक जोखिम बनी रहेंगी, जबकि जैव विविधता का नुकसान, इकोसिस्टम का गिरना और अर्थ सिस्टम में जरूरी बदलाव जैसे खतरे उसके ठीक बाद खड़े होंगे। यह असंतुलन खासतौर पर विकासशील और गरीब देशों के लिए गंभीर परिणाम लेकर आ सकता है।
यह भी पढ़ें - WEF 2026: ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस पर किए हस्ताक्षर, पुतिन ने सदस्यता के लिए पेश किया ये अनोखा प्रस्ताव
पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर डब्ल्यूईएफ ने दी चेतावनी
डब्ल्यूईएफ ने खास तौर पर पुराने हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार पड़ रहे चरम मौसम और जलवायु परिवर्तन के असर को लेकर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक सप्लाई-चेन में रुकावटें, इलेक्ट्रिकल ग्रिड पर बढ़ता दबाव और ऊर्जा प्रणालियों की नाजुकता पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
वैश्विक आर्थिक टकराव सबसे बड़ा जोखिम
रिपोर्ट कहती है कि वैश्विक आर्थिक टकराव, जो फिलहाल शॉर्ट-टर्म में सबसे बड़ा जोखिम माना जा रहा है, अगले 10 वर्षों में तेजी से गिरकर 19वें स्थान पर चला जाएगा। इसके विपरीत पर्यावरणीय जोखिम एक बार फिर वैश्विक जोखिम सूची में सबसे ऊपर लौट आएंगे।
यह भी पढ़ें - WEF: बोर्ड ऑफ पीस के मंच पर ट्रंप-शहबाज की फुसफुसाहट, ग्रीनलैंड विवाद के बाद नाटो प्रमुख भी इस तरह आए नजर
इसमें जैव विविधता का नुकसान, इकोसिस्टम का कमजोर होना और ऊर्जा प्रणाली में जरूरी बदलाव भी बड़े खतरे हैं। खास तौर पर पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई-चेन, बिजली ग्रिड और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर दबाव बढ़ेगा। यह असंतुलन विकासशील और गरीब देशों के लिए ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है, इसलिए समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है।
Trending Videos
यह भी पढ़ें - WEF 2026: ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस पर किए हस्ताक्षर, पुतिन ने सदस्यता के लिए पेश किया ये अनोखा प्रस्ताव
विज्ञापन
विज्ञापन
पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर डब्ल्यूईएफ ने दी चेतावनी
डब्ल्यूईएफ ने खास तौर पर पुराने हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार पड़ रहे चरम मौसम और जलवायु परिवर्तन के असर को लेकर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक सप्लाई-चेन में रुकावटें, इलेक्ट्रिकल ग्रिड पर बढ़ता दबाव और ऊर्जा प्रणालियों की नाजुकता पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
वैश्विक आर्थिक टकराव सबसे बड़ा जोखिम
रिपोर्ट कहती है कि वैश्विक आर्थिक टकराव, जो फिलहाल शॉर्ट-टर्म में सबसे बड़ा जोखिम माना जा रहा है, अगले 10 वर्षों में तेजी से गिरकर 19वें स्थान पर चला जाएगा। इसके विपरीत पर्यावरणीय जोखिम एक बार फिर वैश्विक जोखिम सूची में सबसे ऊपर लौट आएंगे।
यह भी पढ़ें - WEF: बोर्ड ऑफ पीस के मंच पर ट्रंप-शहबाज की फुसफुसाहट, ग्रीनलैंड विवाद के बाद नाटो प्रमुख भी इस तरह आए नजर
इसमें जैव विविधता का नुकसान, इकोसिस्टम का कमजोर होना और ऊर्जा प्रणाली में जरूरी बदलाव भी बड़े खतरे हैं। खास तौर पर पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई-चेन, बिजली ग्रिड और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर दबाव बढ़ेगा। यह असंतुलन विकासशील और गरीब देशों के लिए ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है, इसलिए समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है।