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आरकॉम ने नहीं किया भुगतान, एरिक्सन की मांग- अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट भेजे जेल
Sat, 05 Jan 2019 10:34 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Sat, 05 Jan 2019 10:34 AM IST
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एरिक्सन इंडिया ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिये उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। एरिक्सन इंडिया के 550 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का कथित तौर पर पालन नहीं करने पर कंपनी ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
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एरिक्सन ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन अनिल अंबानी तथा दो अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग करने के साथ ही उन्हें बकाया भुगतान करने तक सिविल जेल में हिरासत में रखने की भी मांग की है।
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कंपनी ने अनिल अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की चेयरपर्सन छाया विरानी के देश छोड़ने पर रोक लगाने की भी गृह मंत्रालय से मांग की।
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कंपनी ने याचिका में कहा है, ‘‘उक्त लोगों ने अदालत की अवमानना की है और उन्हें 23 अक्टूबर 2018 के अदालत के आदेश के मद्देनजर उन्हें ब्याज सहित 550 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करने तक सिविल जेल में हिरासत में रखा जाना चाहिये।’’
उच्चतम न्यायालय ने 23 अक्टूबर के आदेश में रिलायंस कम्युनिकेशंस को 15 दिसंबर तक बकाया भुगतान करने को कहा था। उसने कहा था कि देरी से हुए भुगतान पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी लगेगा।
कंपनी ने कहा, ‘‘यह इस न्यायालय के ध्यान में लाया जा रहा है कि प्रतिवादी ने आदेश के अनुसार 15 दिसंबर तक या उसके बाद भी अभी तक 550 करोड़ रुपये बकाये का भुगतान नहीं किया है। यह खुले तौर पर अदालत की अवमानना है और इसके लिये उन्हें सजा दी जानी चाहिये।’’
याचिका में कहा गया कि अंबानी और अन्य दो लोगों ने कानूनी प्रक्रिया की अवहेलना की है और न्याय व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। कंपनी ने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने संपत्तियों की बिक्री की लेकिन प्राप्त राशि से बकाये का भुगतान नहीं किया और उसे अवैध रूप से अपनी जेब में रख लिया।