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KDMC Hospital Attack: डॉक्टर बेटी के डर ने पिता को तोड़ा, CM फडणवीस से क्यों लगानी पड़ी सुरक्षा की गुहार?
Sat, 11 Jul 2026 10:55 AM IST
प्रशांत तिवारी
एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sat, 11 Jul 2026 10:55 AM IST
सार
डोंबिवली के केडीएमसी शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों पर हुए हमले के मामले में पीड़ित डॉक्टर के पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से डॉक्टरों, विशेषकर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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पीड़िता के पिता
- फोटो : ANI
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विस्तार
ठाणे के डोंबिवली स्थित केडीएमसी के शास्त्री नगर अस्पताल में 6 जुलाई को हुई हिंसा और डॉक्टरों पर हमले के मामले में पीड़ित महिला डॉक्टर के पिता ने गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि मामले के आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सभी डॉक्टरों, खासकर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही कहा कि अब उन्हें न्यायपालिका से ही न्याय मिलने की उम्मीद है।
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क्या पुलिस पर आरोपियों को बचाने का दबाव बनाया जा रहा है?
पीड़ित डॉक्टर डॉ. सृष्टि बाविस्कर के पिता डॉ. महेंद्र बाविस्कर ने शुक्रवार को एएनआई से बातचीत में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ लोग पुलिस और पुलिस आयुक्त पर दबाव बनाकर आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा,'ऐसा नहीं होना चाहिए। अब हमें न्यायपालिका पर भरोसा है कि वही इस मामले में निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करेगी।'
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हमले का डॉक्टर पर कितना गहरा मानसिक असर पड़ा है?
डॉ. महेंद्र बाविस्कर ने बताया कि उनकी बेटी अभी भी गंभीर मानसिक आघात से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद वह बेहद डरी हुई है और अस्पताल लौटने से भी डर रही है। उन्होंने बताया, 'डॉ. सृष्टि की हालत अभी अच्छी नहीं है। वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है और इस घटना के सदमे से बाहर नहीं निकल पाई है। वह कई बार घबराकर नींद से उठ जाती है और रोते हुए कहती है कि लोग उसे मारने आ रहे हैं। उसे डर है कि अस्पताल लौटने पर फिर से उस पर हमला हो सकता है। इस भय से बाहर निकलने और खुद को सुरक्षित महसूस करने में उसे समय लगेगा।'
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मुख्यमंत्री से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर क्या अपील की गई?
डॉ. महेंद्र बाविस्कर ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सभी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी हो या निजी अस्पताल, हर डॉक्टर को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, खासकर महिला डॉक्टरों को विशेष सुरक्षा दी जानी चाहिए।
आरोपी शिवसेना पार्षद को कोर्ट ने क्या राहत या निर्देश दिए?
इस बीच, कल्याण की एक अदालत ने शुक्रवार को शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। अस्पताल से चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित किए जाने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था।
बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का विरोध क्यों किया?
रमेश म्हात्रे के वकील एम. के. काजी ने कहा कि पुलिस ने पांच दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया। इसके बाद अदालत ने 13 जुलाई तक की पुलिस हिरासत मंजूर की। उन्होंने बताया कि अदालत में यह भी कहा गया कि 73 वर्षीय रमेश म्हात्रे केवल एक किडनी के सहारे जीवन जी रहे हैं और उन्हें हर छह घंटे में चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत होती है। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि यदि हिरासत के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ती है तो उन्हें तुरंत आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जाए।
अब तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने रमेश म्हात्रे को बुधवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। यह मामला विष्णुनगर पुलिस थाने में दर्ज है। अब तक इस मामले में कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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इस पूरे मामले पर डॉक्टरों में इतना आक्रोश क्यों है?
6 जुलाई को शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद पूरे महाराष्ट्र के चिकित्सा समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के बाद राज्यभर में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।