Hindi News
›
Video
›
India News
›
TMC Split: After Sukhendu, Sushmita, and Prakash Chik, another of Mamata's MPs resigns?
{"_id":"6a51d75241958a79c901cf09","slug":"tmc-split-after-sukhendu-sushmita-and-prakash-chik-another-of-mamata-s-mps-resigns-2026-07-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"TMC Crisis: सुखेंदु, सुष्मिता, प्रकाश चिक के बाद ममता की एक और सांसद की छुट्टी?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
TMC Crisis: सुखेंदु, सुष्मिता, प्रकाश चिक के बाद ममता की एक और सांसद की छुट्टी?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Sat, 11 Jul 2026 11:10 AM IST
Link Copied
क्या पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं? क्या राज्यसभा में पार्टी का संख्या बल लगातार घटता जाएगा? और क्या पार्टी के भीतर चल रही नेतृत्व की लड़ाई अब संगठन से लेकर चुनाव आयोग तक पहुंच चुकी है? आखिर क्यों टीएमसी के लिए हर नया दिन नई चुनौती लेकर आ रहा है? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ भाजपा का कथित "ऑपरेशन टीएमसी" अब भी जारी है और तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पार्टी एक साथ दो बड़े मोर्चों पर दबाव झेल रही है। एक तरफ राज्यसभा में लगातार सांसदों के इस्तीफों से उसका संख्या बल घटने की आशंका है, तो दूसरी ओर ऋतव्रत बनर्जी गुट समानांतर संगठन खड़ा कर अपनी राजनीतिक दावेदारी मजबूत करने में जुटा हुआ है।
एक दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। पार्टी इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि अब राज्यसभा सांसद रुक्मणी मलिक के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति को ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा भेज दिया है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ और राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के बचे हुए नौ राज्यसभा सांसदों में से दो और सांसद पार्टी से दूरी बना सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो उच्च सदन में पार्टी का प्रभाव और संख्या बल दोनों कमजोर पड़ सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रहे इस्तीफे केवल संख्या का मामला नहीं हैं, बल्कि यह पार्टी नेतृत्व के सामने खड़े असंतोष और आंतरिक चुनौतियों का भी संकेत हैं। बताया जा रहा है कि अब तक करीब 20 सांसद तृणमूल कांग्रेस छोड़कर अन्य दलों में शामिल हो चुके हैं या उनका विलय हो चुका है।
उधर, पार्टी के भीतर दूसरा बड़ा संकट संगठनात्मक स्तर पर दिखाई दे रहा है। ऋतव्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट अपनी समानांतर संगठनात्मक संरचना को तेजी से विस्तार दे रहा है। ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन पद से हटाने और नई वर्किंग कमेटी के गठन के बाद अब यह गुट राज्य और जिला समितियों के गठन में जुट गया है।
कोलकाता के तपसिया स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित दो दिवसीय बैठक में राज्य अध्यक्ष, जिला अध्यक्षों और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों का कहना है कि कई विधायक, पार्षद, पूर्व जनप्रतिनिधि और विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
इससे पहले ऋतव्रत गुट 30 सदस्यीय वर्किंग कमेटी का गठन कर खुद को "असली तृणमूल" बता चुका है और उसका पूरा विवरण चुनाव आयोग को भी सौंप चुका है। इस गुट ने मध्य हावड़ा के विधायक अरूप राय को चेयरपर्सन बनाया है, जबकि ऋतव्रत बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फिलहाल कालीघाट गुट के सामने कई चुनौतियां एक साथ खड़ी हैं। राज्यसभा में घटता संख्या बल, समानांतर संगठन का तेजी से विस्तार, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग में जारी कानूनी लड़ाई और नेताओं के लगातार पाला बदलने की अटकलें ये सभी घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और वैधता की लड़ाई अभी थमने वाली नहीं है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि राज्यसभा में पार्टी की संख्या और घटती है तथा ऋतव्रत बनर्जी गुट जिला स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल रहता है, तो आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर की यह सियासी जंग और अधिक तीखी हो सकती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।