सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Five DGs Lead 2.4 Lakh Forces in Bengal to Ensure Smooth and Peaceful Polls

Bengal: शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 2.4 लाख जवानों संग बंगाल में उतरे पांच केंद्रीय बलों के DG, 4000 QTR की तैनाती

Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Wed, 29 Apr 2026 08:54 PM IST
विज्ञापन
सार

विपक्षी दल करते रहे केंद्रीय बलों की तैनाती की आलोचना, अभिषेक बनर्जी ने कहा, अब तो बंगाल चुनाव में राफेल जेट और नौसेना के आईएनएस जहाज की तैनाती ही बाकी रह गई थी।   

Five DGs Lead 2.4 Lakh Forces in Bengal to Ensure Smooth and Peaceful Polls
बंगाल चुनाव 2026 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल में बुधवार को दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर अशांति की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पांच केंद्रीय बलों के डीजी 240000 जवानों को लेकर बंगाल की सड़कों पर उतरे। दूसरे चरण की 142 सीटों पर हुए मतदान में सीएपीएफ की 2300 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई। इसके अलावा चुनाव में वोटरों को भयमुक्त माहौल देने के लिए 4000 क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीमें) और 300 से ज्यादा बख्तरबंद वाहनों की तैनाती की गई। कोलकाता में मल्टी सीएपीएफ कंट्रोल रूम, राज्य पुलिस कंट्रोल रूम, खुफिया तंत्र और केंद्रीय बलों के अपने इंटेलिजेंस नेटवर्क ने भी सूचनाएं जुटाई। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, वोटरों को यह भरोसा दिलाने के लिए कंट्रोल रूम और क्यूआरटी के मोबाइल नंबर दिए गए। 

Trending Videos


राफेल जेट और नौसेना के आईएनएस जहाज की कमी 
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की बड़े पैमाने पर हुई तैनाती की आलोचना की। उन्होंने कहा, बंगाल में अब राफेल लड़ाकू विमान की तैनाती और आईएनएस के वॉरशिप की तैनाती ही बाकी बची है। जो तैनाती पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ करनी चाहिए थी, वो पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए कर रहे हैं। ममता बनर्जी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती पर सवाल उठाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन



चुनाव के बाद तैनात रहेंगे 50000 जवान 
पश्चिम बंगाल में चुनाव संपन्न होने के बाद एकाएक केंद्रीय बलों को वहां से नहीं हटाया जाएगा। पिछली बार चुनाव होने के बाद राज्य के कई भागों में हिंसा की घटनाएं देखने को मिली थी। इस बार वैसी घटनाएं न हों, इसके लिए चुनाव संपन्न होने के बाद भी बंगाल में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 500 कंपनियां तैनात रहेंगी। इनमें सीआरपीएफ की 200, बीएसएफ की 150, सीआईएसएफ की 50, आईटीबीपी की 50 और एसएसबी की 50 कंपनियां शामिल हैं। पहले चरण की वोटिंग के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की पीठ थपथपाई थी। उन्होंने निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों को धन्यवाद दिया था। 

चर्चा में रही सीआरपीएफ डीजी की गश्त 
बंगाल चुनाव में सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह, करीब डेढ़ सप्ताह से केंद्रीय बलों के जवानों के साथ गश्त करते हुए देखे गए हैं। कंट्रोल रूम से लेकर जीपी सिंह ने अति संवेदनशील मतदान केंद्रों का दौरा किया। सीआरपीएफ डीजी ने आम जन में भरोसा जताने के लिए उनके साथ बातचीत की। उन्हें बिना किसी भय के मतदान में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके साथ स्पेशल डीजी वितुल कुमार व दूसरे अधिकारी भी रहे। दूसरे चरण के मतदान से पहले एसएसबी के डीजी संजय सिंघल ने भी बंगाल का दौरा किया। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन भी कई दिनों से बंगाल में डेरा डाले हुए थे। उन्होंने भी वोटरों से बातचीत कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को सुनिश्चित किया।  बीएसएफ डीजी प्रवीण कुमार ने अपने जवानों की तैनाती वाले स्थानों का दौरा कर शांतिपूर्ण मतदान के इंतजामों का जायजा लिया। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर भी बंगाल में पहुंचे थे। 

सात चरणों में की गई केंद्रीय बलों की तैनाती 
पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की तैनाती को लेकर फरवरी में ही होमवर्क शुरू कर दिया गया था। केंद्रीय बलों की 2400 कंपनियों को सात चरणों के तहत पश्चिम बंगाल में भेजा गया। पहले चरण के तहत एक मार्च को केंद्रीय बलों की 240 कंपनियां, बंगाल के लिए रवाना की गई थी। इनमें बीएसएफ की 55, सीआरपीएफ की 110, आईटीबीपी की 27, एसएसबी की 27 और सीआईएसएफ की 21 कंपनियां शामिल हैं। तैनाती के दूसरे चरण में 10 मार्च को बीएसएफ की 65, सीआरपीएफ की 120, आईटीबीपी की 20, एसएसबी की 19 और सीआईएसएफ की 16 कंपनियों को बंगाल में भेजा गया। तीसरे चरण के तहत 300 कंपनियां बंगाल में पहुंची थीं। इनमें बीएसएफ की 100, सीआरपीएफ की 125, आईटीबीपी की 25, एसएसबी की 25 और सीआईएसएफ की 25 कंपनियां शामिल हैं। 

आखिरी चरण में हुई सर्वाधिक कंपनियों की तैनाती 
तैनाती के चौथे चरण में 7 अप्रैल को 300 कंपनियां, बंगाल में भेजी गई। इनमें बीएसएफ की 100, सीआरपीएफ की 125, आईटीबीपी की 25, एसएसबी की 25 और सीआईएसएफ की 25 कंपनियां शामिल हैं। पांचवें चरण में 10 अप्रैल को 300 कंपनियां, बंगाल में तैनात की गई। इनमें बीएसएफ की 90, सीआरपीएफ की 100, आईटीबीपी की 50, एसएसबी की 30 और सीआईएसएफ की 30 कंपनियां शामिल हैं। छठे चरण में 13 अप्रैल को 277 कंपनियां, बंगाल पहुंची। इनमें बीएसएफ की 41, सीआरपीएफ की 49, आईटीबीपी की 43, एसएसबी की 34 और सीआईएसएफ की 22 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा आरपीएफ की 40 और एसएपी की 48 कंपनियों को भी बंगाल में चुनावी ड्यूटी के लिए भेजा गया। सातवें चरण में 743 कंपनियां, बंगाल में भेजी गई। इनमें बीएसएफ की 105, सीआरपीएफ की 138, आईटीबीपी की 65, एसएसबी की 70 और सीआईएसएफ की 65 कंपनियां शामिल हैं। एसएपी की 300 कंपनियां भी बंगाल में तैनात की गई। ये कंपनियां, 17 अप्रैल को चुनावी ड्यूटी पर पहुंची थीं।  

केंद्रीय बलों को मिली अहम जिम्मेदारी 
अति संवेदनशील बूथों की पहचान कर वहां केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' को तैनात किया गया। किसी बूथ पर पहले से कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस भेजी गई थी तो उसे बदला गया। केंद्रीय बलों के जवानों को मतदान केंद्र पर वोटरों के पहचान पत्र की जांच करने का काम सौंपा गया। कई स्थानों के मतदान केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का नियंत्रण भी बीएसएफ को दिया गया। सीसीटीवी की निगरानी के लिए अलग से जवान तैनात किए गए। इंस्पेक्टर और उससे ऊपर के रैंक वाले ऐसे अफसर, जिन्होंने 2024 के आम चुनाव में उक्त राज्यों में ड्यूटी दी है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बदला गया। चुनावी ड्यूटी पर तैनात कंपनी कमांडरों को तत्काल प्रभाव से 'होटल' छोड़कर जवानों के साथ ठहरने का आदेश जारी किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed