खाद्य निरीक्षक की 2.15 करोड़ की संपत्ति जब्त: बेनामी कमाई ज्ञात आय का 223%, 10 जीवन बीमा पॉलिसी और प्रॉपर्टी
ईडी ने असम के पूर्व अधिकारी मुनिंद्रा भुयान की 2.15 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। जांच में आय से 223% अधिक संपत्ति, फर्जी लेन-देन और अवैध नकद जमा का खुलासा हुआ।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने असम सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुनिंद्रा भुयान के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले में सख्त कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत भुयान की लगभग 2.15 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री की विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ (सीएमएसवीसी), गुवाहाटी द्वारा मुनिंद्रा भुयान के विरुद्ध 2023 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट), 1988) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी आधार पर ईडी ने इस केस की जांच शुरू की थी। सीएमएसवीसी द्वारा दायर आरोपपत्र में खुलासा हुआ है कि 01.04.2001 से 28.02.2022 की जांच अवधि के दौरान, मुनिंद्र भुयान ने विभिन्न पदों पर खाद्य निरीक्षक और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत रहते हुए, अपनी ज्ञात आय के स्रोतों के अनुपात से अधिक 3.80 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की।
जांच में पता चला है कि यह संपत्ति भुयान के कार्यकाल के दौरान उनकी ज्ञात आय का 223.19 प्रतिशत है। मुनिंद्रा भुयान ने गुवाहाटी में कई अचल संपत्तियां या तो अपने नाम पर या अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर हासिल कीं। ऐसा वास्तविक स्वामित्व और धन के स्रोत को छिपाने के लिए किया गया था। उक्त संपत्तियों को पंजीकृत विक्रय विलेखों में जानबूझकर कम मूल्य दिखाकर खरीदा गया था, जबकि वास्तविक बाजार मूल्य पंजीकृत विलेख मूल्यों से 10 से 34 गुना अधिक था। इसका मकसद, अपराध की आय से प्राप्त वास्तविक नकदी के उपयोग को छिपाना था।
मुनिंद्रा भुयान और उनकी पत्नी के बैंक खाता विवरणों के विश्लेषण से पता चला कि 2007 से 2021 की अवधि के दौरान कई बैंक खातों में क्रमशः 36,53,000 रुपये और 10,80,500 रुपये की व्यवस्थित नकद जमा की गई थी। इन जमाओं को किसी वैध आय स्रोत से स्पष्ट नहीं किया जा सकता है और ये अपराध की आय के उपयोग का संकेत देती हैं। मुनींद्र भुयान और उनकी पत्नी ने कई बीमा कंपनियों में दस जीवन बीमा पॉलिसियां ले रखी थीं। चूंकि जांच की पूरी अवधि के दौरान संदिग्ध की संभावित बचत 18465537 रुपये थी, इसलिए इन पॉलिसियों का प्रीमियम केवल अपराध से प्राप्त धन से ही चुकाया जा सकता था। इसका इस्तेमाल संपत्ति को छिपाने और एकीकृत करने के साधन के रूप में किया गया।
अटैच की गई संपत्तियों में गुवाहाटी में स्थित तीन अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग 1.53 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, मुनींद्र भुयान और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न खातों में जमा लगभग 16.07 लाख रुपये की बैंक राशि और दस जीवन बीमा पॉलिसियों का सरेंडर मूल्य लगभग 45.33 लाख रुपये है।