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Hindi News ›   India News ›   From Ram Mandir to China Shiv Sena UBT targets BJP in Saamana asks breaking opposition only service to nation

राम मंदिर से चीन तक: सामना में शिवसेना-यूबीटी का भाजपा पर निशाना, पूछा- क्या विपक्ष तोड़ना ही राष्ट्र सेवा?

Wed, 01 Jul 2026 12:40 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, मुंबई
आईएएनएस, मुंबई Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 01 Jul 2026 12:40 PM IST
सार

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने राम मंदिर दान विवाद, चीन की कथित घुसपैठ, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और केंद्र सरकार की नीतियों का हवाला देते हुए भाजपा की देशभक्ति और हिंदुत्व पर सवाल उठाए हैं। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष पर हमला करने में व्यस्त है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन के मुद्दे पर मौन है।

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From Ram Mandir to China Shiv Sena UBT targets BJP in Saamana asks breaking opposition only service to nation
उद्धव ठाकरे, प्रमुख, शिवसेना यूबीटी - फोटो : ANI

विस्तार

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसकी देशभक्ति और हिंदुत्व केवल एक 'दिखावा' है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा का आचरण 'रावण के वंशजों' जैसा है। पार्टी ने कहा, 'भले ही भाजपा रावण को बुरा मानती हो, लेकिन हिंदू समाज को यह याद रखना चाहिए कि रावण पाखंडी नहीं था। उसने भाजपा की तरह राम मंदिरों के दान-पात्रों से चोरी नहीं की थी।' 

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'विष्णु का 13वां अवतार भी इस देश को नहीं बचा पाएगा'
सामना के संपादकीय में कहा गया कि यदि भगवान राम के नाम पर हो रही कथित लूट, देश की जमीन पर कब्जा, लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किए जाने जैसी घटनाओं पर किसी को दुख या शर्म महसूस नहीं होती और लोग इसे ही राजनीति मान बैठे हैं, तो 'विष्णु का 13वां अवतार भी इस देश को नहीं बचा पाएगा। संपादकीय में इसे कलयुग की चरम स्थिति बताते हुए कहा गया कि स्वार्थ, अनैतिकता और भ्रष्टाचार सामान्य बात बन चुके हैं।
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चोरों को किसका सरंक्षण प्राप्त?
अपने आरोपों के समर्थन में ठाकरे गुट ने कहा कि एक ओर अयोध्या में राम मंदिर के दान और सोने की कथित चोरी की चर्चा देश-दुनिया में हो रही है, वहीं दूसरी ओर अरुणाचल प्रदेश से चिंताजनक खबरें सामने आई हैं, जहां चीन द्वारा कथित रूप से कई गांवों पर कब्जा किए जाने की बातें कही जा रही हैं। संपादकीय में आरोप लगाया गया कि हिंदुओं की आस्था का राजनीतिक लाभ उठाया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि 'चोरों ने भगवान राम को भी नहीं छोड़ा और उन्हें BJP का संरक्षण प्राप्त है।"
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सामना में बताया किसकी कब्जे में है जमीन?
शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से सोना और दान चोरी होने के बावजूद पुलिस मुख्य संदिग्धों को छोड़कर अन्य लोगों की जांच में लगी हुई है। संपादकीय में इसकी तुलना चीन के मुद्दे से करते हुए कहा गया कि जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख में चीन की कथित घुसपैठ का मुद्दा उठाया, तो उन्हें देशद्रोही बताकर जेल भेज दिया गया। अब अरुणाचल प्रदेश में भी चीन की कथित घुसपैठ की बात सामने आ रही है। अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले की सीमा पर रहने वाले 'नाह' आदिवासी समुदाय ने दावा किया है कि चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है और यह इलाका अब चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के कब्जे में है।

सरकार ने किनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया? 
संपादकीय में कहा गया कि चीन ने अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन करते हुए सुबनसिरी के टक्सिंग राजस्व क्षेत्र में काफी अंदर तक प्रवेश कर लिया है। साथ ही आरोप लगाया गया कि स्थानीय आदिवासी समुदाय बार-बार इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन भारतीय सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

चीन के मुद्दे पर मौन क्यों हैं प्रधानमंत्री?
संपादकीय में कहा गया कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा चुनावी राजनीति का बड़ा विषय बनाया जाता है, लेकिन अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में चीन की कथित घुसपैठ पर चुप्पी साध ली जाती है। पार्टी ने इसे भारत के रक्षा ढांचे की गंभीर कमजोरी बताया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP चीन द्वारा कथित रूप से भारतीय ज़मीन पर कब्जा किए जाने के मुद्दे पर मौन हैं। पार्टी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी विदेश दौरे पर हैं, उसी दौरान चीन अरुणाचल प्रदेश में सक्रिय रूप से घुसपैठ कर रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस मामले पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान देने में विफल रहे हैं।

क्या विपक्ष तोड़ना ही राष्ट्र सेवा? 
संपादकीय में आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके सहयोगी विपक्षी दलों के विधायकों और सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कराने को ही 'राष्ट्र सेवा' मानते हैं। पार्टी ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान विपक्ष को कमजोर करने पर है, जबकि चीन द्वारा कथित अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दिखाई देती।


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चीन के सामने क्यों नहीं जागती देशभक्ति?
संपादकीय में कहा गया कि जो लोग पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ़ आक्रामक बयान देते हैं, वही चीन की सैन्य ताकत के सामने चुप्पी साध लेते हैं। पार्टी ने गलवान घाटी की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद भी चीन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। संपादकीय के अंत में शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया कि राम मंदिर की दान पेटी और दान से जुड़े विवादों के बावजूद भाजपा खुद को हिंदुत्व का सबसे बड़ा रक्षक बताती है। पार्टी ने कहा कि जब चीन भारत की जमीन पर कथित कब्जा करता है, तब भी भाजपा दावा करती है कि देश में उसी से बड़ा कोई देशभक्त नहीं है।

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