बंगलूरू मेट्रो की बार-बार क्यों रुक रही रफ्तार?: भाजपा सांसद सूर्या के पत्र पर CCRS सख्त, दिए जांच के आदेश
बेंगलुरु मेट्रो में लगातार आ रही तकनीकी खराबियों और सेवा बाधित होने की घटनाओं को लेकर सांसद तेजस्वी सूर्या के पत्र के बाद रेल सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (CCRS) ने BMRCL को पिछले तीन वर्षों की सभी घटनाओं की जांच, सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट और संचालन व रखरखाव का ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। सूर्या ने कर्नाटक सरकार से भी इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बंगलूरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने बुधवार को बताया कि रेल सुरक्षा के मुख्य आयुक्त ने बंगलूरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को पिछले तीन वर्षों में ट्रेन सेवाओं में आई रुकावटों की जांच करने और सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सूर्या ने एक बयान में कहा कि यह निर्देश उनके अनुरोध पर जारी किया गया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा BMRCL की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
Based on my request, the Chief Commissioner of Rail Safety has directed BMRCL to investigate the train service disruptions over the last three years and submit a report on the corrective measures taken.
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Passenger safety and convenience must be BMRCL's highest priority and not an… https://t.co/eOcfMZ40Fe pic.twitter.com/E16d2enJT6विज्ञापन विज्ञापन— Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) July 1, 2026
कर्नाटक सरकार से क्यों की जवाबदेही तय करने की मांग?
उन्होंने कहा, 'मैंने कर्नाटक सरकार से इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से लेने का आग्रह किया है। नम्मा मेट्रो के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदार संस्था होने के नाते राज्य सरकार सुरक्षित, भरोसेमंद और निर्बाध मेट्रो सेवा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह जवाबदेह है।"
2024 से अब तक कितनी बार बाधित हुई मेट्रो सेवा?
सूर्या ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक मेट्रो सेवाओं में रुकावट की लगभग 20 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है। सिस्टम में सुधार की मांग करते हुए उन्होंने BMRCL से बार-बार होने वाली तकनीकी रुकावटों के मूल कारणों की पहचान करने, उन्हें दूर करने और यात्रियों का मेट्रो नेटवर्क पर भरोसा फिर से मजबूत करने का आग्रह किया। सांसद ने आगे कहा कि नम्मा मेट्रो की सुरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता सुनिश्चित करना शहर की रैपिड ट्रांजिट प्रणाली का संचालन करने वाली संस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
CCRS ने BMRCL को दिया विस्तृत जांच का निर्देश
तेजस्वी सूर्या को लिखे एक पत्र में रेल सुरक्षा के मुख्य आयुक्त तथा मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिणी सर्कल) जनक कुमार गर्ग ने कहा, 'BMRCL के प्रबंध निदेशक (MD) को पहले ही निर्देश दिया जा चुका है कि वे इस घटना की जांच करें और इस मामले के साथ-साथ पिछले तीन वर्षों में ट्रेन सेवाओं में आई इसी तरह की अन्य रुकावटों पर किए गए सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।'उन्होंने आगे कहा कि BMRCL को मेट्रो रेलवे प्रणाली के संचालन और रखरखाव से जुड़े सभी पहलुओं की प्रभावशीलता का व्यापक ऑडिट कराने की भी सलाह दी गई है।'
CCRS की कानूनी जिम्मेदारियां भी बताईं
जनक कुमार गर्ग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि मेट्रो रेलवे (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम, 2002 के अनुसार आयुक्त केवल उन दुर्घटनाओं की वैधानिक जांच करते हैं जिनमें जान-माल का नुकसान या गंभीर चोट हुई हो। इसके अलावा नई मेट्रो लाइनों को चालू करने और नए रोलिंग स्टॉक (ट्रेन कोच) को सेवा में शामिल करने से पहले निरीक्षण और मंजूरी देना भी उनकी कानूनी जिम्मेदारी है। मेट्रो रेलवे प्रणाली का सुरक्षित और भरोसेमंद संचालन तथा उसका नियमित रखरखाव पूरी तरह संबंधित मेट्रो प्रशासन की जिम्मेदारी है।'
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पहले भी उठाया था तकनीकी खराबियों का मुद्दा
आज अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सूर्या ने कहा कि जनवरी 2024 से बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क में लगभग 20 तकनीकी खराबियों और सेवा बाधित होने की घटनाएं हुई हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले पर्पल लाइन पर सामने आए हैं। यह अब इक्का-दुक्का तकनीकी खराबी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसे पैटर्न की ओर संकेत करता है जो मेट्रो संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।' मैंने मेट्रो सुरक्षा और सिस्टम इंजीनियरिंग के कई विशेषज्ञों से चर्चा की है। उनके सुझावों के आधार पर मैंने BMRCL को कई सिफारिशें भेजी हैं। साथ ही कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (दक्षिणी सर्कल) को भी पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने, BMRCL की जवाबदेही तय करने और परिचालन सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।