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मुंबई-पुणे हाईवे हादसा: हाईवे पर गैस टैंकर पलटने से घंटों तक लगा रहा जाम, फंसे उद्योगपति तो बुलाया हेलीकॉप्टर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 05 Feb 2026 11:56 AM IST
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सार

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर पलटने से भीषण जाम लग गया। इसमें आठ घंटे फंसने के बाद उद्योगपति सुधीर मेहता को निकलने के लिए हेलीकॉप्टर बुलाना पड़ा। इसके बाद मेहता ने सरकार को आपातकालीन निकास और हेलीपैड बनाने की सलाह दी है। सुरक्षा कारणों से रास्ता 30 घंटे से ज्यादा बंद रहा।

Gas tanker overturned on Mumbai-Pune Expressway flammable gas leak causes traffic jam industrialist stuck
गैस टैंकर हादसा - फोटो : ANI
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विस्तार

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक गैस टैंकर पलटने के बाद आम लोगों के साथ-साथ खास लोगों को भी परेशान कर दिया। पुणे के जाने-माने उद्योगपति सुधीर मेहता इस जाम में करीब आठ घंटे तक फंसे रहे। अंत में, वहां से निकलने और पुणे वापस लौटने के लिए उन्होंने हेलीकॉप्टर का सहार लिया।
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यह घटना मंगलवार शाम की है। एक्सप्रेसवे पर एक टैंकर पलट गया था जिससे अत्यधिक ज्वलनशील गैस लीक होने लगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक रोक दिया। इस वजह से यात्री 30 घंटे से भी ज्यादा समय तक सड़क पर फंसे रहे। इस घटना को लेकर पिनेकल इंडस्ट्रीज और EKA मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि आठ घंटे तक इंतजार करने के बाद बुधवार को उन्होंने हेलीकॉप्टर की मदद ली। उन्होंने ऊपर से ली गई जाम की तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जिसमें गाड़ियों की लंबी कतारें दिखाई दे रही थीं।
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क्या बोले उद्योगपति?
मेहता ने लिखा, "एक गैस टैंकर की वजह से लाखों लोग पिछले 18 घंटों से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर फंसे हुए हैं।" उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर आपातकालीन तैयारी बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर 'प्लान्ड एग्जिट पॉइंट' होने चाहिए। मुसीबत के समय इन्हें खोलकर गाड़ियों को वापस भेजा जा सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एक्सप्रेसवे के पास हेलीपैड बनाना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक हेलीपैड बनाने में दस लाख रुपये से कम खर्च आता है और इसके लिए बहुत कम जमीन की जरूरत होती है। आपात स्थिति में यह लोगों को निकालने में बहुत काम आ सकता है।

33 घंटे लगा रहा जाम
अधिकारियों ने बताया कि टैंकर खंडाला घाट सेक्शन में आदोशी सुरंग के पास पलटा था। टैंकर में प्रोपलीन गैस थी, इसलिए उसे हटाने में बहुत सावधानी बरतनी पड़ी। घटना के करीब 33 घंटे बाद, गुरुवार सुबह 1:46 बजे मुंबई जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक फिर से शुरू हो सका। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 94.5 किलोमीटर लंबा है और यह देश का पहला 6-लेन वाला कंक्रीट एक्सप्रेसवे है।

मंगलवार शाम 5 बजे हुए इस हादसे के बाद जाम इतना बढ़ गया कि गाड़ियों की लाइन 20 किलोमीटर तक लंबी हो गई थी। इस दौरान हजारों लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, बिना खाने-पीने और टॉयलेट की सुविधा के अपनी गाड़ियों में कैद रहने को मजबूर हुए।

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