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Gujarat: गिर में चार शावकों की मौत, संक्रमण की आशंका के बाद 17 शेर निगरानी में; सीएम पटेल ने की समीक्षा बैठक

अहमदाबाद, पीटीआई Published by: रिया दुबे Updated Thu, 28 May 2026 09:04 AM IST
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सार

गुजरात के गिर वन क्षेत्र में संदिग्ध संक्रमण के कारण चार शेर शावकों की मौत हो गई है। एहतियातन 17 शेरों को अलग रखकर उनकी निगरानी और देखभाल की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मामले की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की।

Gir forest on alert as 4 lion cubs die amid infection fears, CM Patel holds review meeting
शेर का शावक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

गुजरात के गिर वन क्षेत्र में संदिग्ध संक्रमण के कारण चार शेर शावकों की मौत हो गई है, जबकि 17 वयस्क शेरों को एहतियातन अलग रखकर उनकी निगरानी और इलाज किया जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को गांधीनगर में उच्चस्तरीय बैठक की।


बैठक में वन व पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विनोद राव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि गिर गढ़डा और बाबरिया क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शेरों की गहन निगरानी की जा रही है। अब तक अन्य शेरों में बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
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वन विभाग ने क्या दी जानकारी?

वन विभाग के अनुसार, अमरेली और भावनगर जिलों के महसुली क्षेत्र में मौजूद शेरों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है और रोजाना रिपोर्ट ली जा रही है। गर्मियों की शुरुआत में फैलने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव के तहत गिर क्षेत्र के 350 से अधिक शेरों के लिए डी-टिकिंग और अन्य स्वास्थ्य उपाय किए जा रहे हैं। इस अभियान में जूनागढ़ वेटरनरी कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी शामिल किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक जयपाल सिंह ने इसकी पुष्टि की।
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वन मंत्री ने क्या बताया?

वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने मंगलवार को बताया था कि गिर क्षेत्र में दो शेर शावकों की मौत संदिग्ध बेबेसिया वायरस संक्रमण से हुई है, जबकि तीन अन्य शेरों की मौत प्राकृतिक कारणों और आपसी संघर्ष में हुई। हालांकि उन्होंने गिर में किसी बड़े महामारी या बीमारी फैलने की आशंका से इनकार किया। बेबेसिया वायरस टिक यानी किलनी के जरिए फैलता है और इससे संक्रमित जानवरों में कमजोरी, खांसी और नाक से स्राव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

2018 में संक्रमण के कारण हुई थी 11 शेरों की मौत 

इससे पहले साल 2018 में गुजरात में एक महीने के भीतर 11 शेरों की मौत कैनाइन डिस्टेंपर वायरस और प्रोटोजोआ संक्रमण के कारण हुई थी। गौरतलब है कि 2025 की गणना के अनुसार गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या 891 दर्ज की गई थी।
 
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