Spam Calls: स्पैम कॉल और मैसेज पर सरकार का एक्शन, 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों पर कार्रवाई; अब कैसे मिलेगी राहत?
सरकार ने स्पैम कॉल और अनचाहे मैसेज पर सख्ती बढ़ाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों पर कार्रवाई की है। नियम तोड़ने वाले 263 प्रेषकों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया। सरकार ने यह कार्रवाई क्यों की? एआई की क्या भूमिका रही? आम मोबाइल उपभोक्ता स्पैम कॉल से बचने के लिए क्या कर सकते हैं?
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अनचाहे स्पैम कॉल और प्रमोशनल मैसेज से परेशान मोबाइल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 263 प्रेषकों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य स्पैम कॉल और फर्जी प्रचार संदेशों पर प्रभावी रोक लगाना है।
सरकार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान बार-बार नियम तोड़ने वालों की आउटगोइंग सेवाएं बंद की गईं, कई कनेक्शन लंबे समय के लिए निलंबित किए गए और एसएमएस हेडर भी ब्लॉक किए गए। पहली तिमाही में देश के टेलीकॉम नेटवर्क से 730.82 अरब कॉल की गईं, जबकि यूसीसी यानी अनचाहे व्यावसायिक संचार से जुड़ी 10.85 लाख शिकायतें दर्ज हुईं। औसतन हर 10 लाख कॉल पर करीब 1.5 शिकायतें सामने आईं।
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एआई ने स्पैम कॉल पकड़ने में कैसे मदद की?
संचार मंत्रालय के अनुसार स्पैम कॉल और मैसेज की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है। एआई आधारित सिस्टम ने पहली तिमाही में 24.43 अरब संदिग्ध स्पैम कॉल और एसएमएस की पहचान की। इससे मोबाइल उपभोक्ताओं को ऐसे कॉल और संदेशों के बारे में सतर्क रहने में मदद मिली। इसके अलावा नियमों का पालन कराने के लिए केवल एक सप्ताह में 2.43 लाख से अधिक चेतावनी संदेश भी भेजे गए।
शिकायत दर्ज करने का सबसे आसान तरीका क्या है?
सरकार के मुताबिक, ट्राई का डीएनडी ऐप स्पैम कॉल और मैसेज की शिकायत दर्ज कराने का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है। कुल शिकायतों में करीब 89 प्रतिशत शिकायतें इसी ऐप के जरिए दर्ज हुईं। इसके अलावा उपभोक्ता अपने टेलीकॉम ऑपरेटर की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या 1909 नंबर पर कॉल अथवा एसएमएस करके भी डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
डीएनडी नहीं कराने वालों पर क्या असर पड़ रहा है?
सरकार ने बताया कि देश में 112 करोड़ से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं ने अभी तक डीएनडी प्राथमिकताएं दर्ज नहीं कराई हैं। ऐसे उपभोक्ताओं तक पंजीकृत टेलीमार्केटर और कंपनियां प्रचार संबंधी कॉल और मैसेज भेज सकती हैं। हालांकि डीएनडी सुविधा का असर भी दिखा है। पहली तिमाही में 1.48 अरब प्रमोशनल कॉल और 7.30 अरब प्रमोशनल एसएमएस ब्लॉक किए गए। वहीं 140 सीरीज को प्रमोशनल कॉल और 1600 सीरीज को बैंकिंग, बीमा, वित्तीय सेवाओं तथा सरकारी सेवा संबंधी कॉल के लिए निर्धारित किया गया है, ताकि लोग आधिकारिक और प्रचार संबंधी कॉल में आसानी से अंतर कर सकें।