फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Political battle over Netaji in Bengal Mamata Banerjee opens front against BJP what is issue

बंगाल में नेताजी पर सियासी संग्राम: ममता बनर्जी ने BJP के खिलाफ खोला मोर्चा; क्या है मामला?

Tue, 04 Aug 2026 06:30 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 04 Aug 2026 06:30 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी विरासत का अपमान करने का आरोप लगाते हुए लोगों से विरोध करने की अपील की। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की टिप्पणी की आलोचना की, 'जेन-जी' आंदोलन का समर्थन किया और टीएमसी नेताओं व कार्यकर्ताओं पर कथित पुलिस दबाव और गिरफ्तारियों को लेकर भी केंद्र और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

विज्ञापन
Political battle over Netaji in Bengal Mamata Banerjee opens front against BJP what is issue
ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी विरासत का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर ऐसे बयानों का विरोध करें, क्योंकि यह केवल बंगाल ही नहीं बल्कि पूरे देश के सम्मान का सवाल है।

विज्ञापन


क्या चंद्र कुमार बोस के इस्तीफे के बाद आया यह बयान?
ममता बनर्जी का यह बयान नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भाई के पोते चंद्र कुमार बोस के टीएमसी से इस्तीफ़ा देने के ठीक एक दिन बाद सामने आया। इस्तीफा देते हुए चंद्र कुमार बोस ने कहा कि उनका मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों से मोहभंग हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सत्तारूढ़ भाजपा और टीएमसी की राजनीति में कोई विशेष अंतर दिखाई नहीं देता।
विज्ञापन


नेताजी के सम्मान को लेकर ममता ने क्या कहा?
फेसबुक लाइव सत्र के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि जिस तरह भाजपा नेताओं ने हमारे राष्ट्रीय नायक नेताजी के बारे में टिप्पणी की, उससे मैं बेहद हैरान हूं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी विरासत का जिस तरह अपमान किया जा रहा है, उससे मैं गहरे दुखी और निराश हूँ। यह केवल बंगाल का नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मैं सभी से अनुरोध करती हूँ कि वे एकजुट होकर नेताजी के अपमान के खिलाफ आवाज उठाएं और विरोध दर्ज कराएं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विवाद की शुरुआत किस टिप्पणी से हुई?
ममता बनर्जी की यह प्रतिक्रिया भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की हालिया टिप्पणी के बाद आई। भट्टाचार्य ने स्वतंत्रता सेनानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बीच राजनीतिक मतभेदों का ज़िक्र करते हुए बोस द्वारा स्थापित फॉरवर्ड ब्लॉक के सदस्यों को 'गुंडा' कहा था।

इस टिप्पणी पर किसने जताई नाराजगी?
समिक भट्टाचार्य की टिप्पणी की विपक्षी दलों के साथ-साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के कुछ सदस्यों ने भी आलोचना की। उनका कहना था कि इस तरह की टिप्पणी नेताजी और उनकी विरासत का अपमान है।

भाजपा ने अपने बचाव में क्या कहा?
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का किसी भी रूप में अपमान नहीं किया गया है। पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा राजनीतिक मतभेदों से जुड़ा है, न कि नेताजी की विरासत पर किसी प्रकार का हमला।

'जेन-जी' आंदोलन को लेकर ममता ने क्या आरोप लगाए?
ममता बनर्जी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे 'जेन-जी' (Gen-Z) युवाओं का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले छात्रों और युवाओं को देश-विरोधी बताया जा रहा है, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके परिवारों तक को धमकाया जा रहा है।

टीएमसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर क्या बोलीं ममता?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल में हजारों टीएमसी कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा,BJP ने पूरे राज्य को एक बड़ी जेल में बदल दिया है। 


ये भी साइबर फ्रॉड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: RBI को दिए 'म्यूल अकाउंट्स' पर SOP बनाने के आदेश; पीड़ितों को मिलेगी राहत?

सांसदों और विधायकों पर दबाव का आरोप क्यों लगाया?
जिस दिन टीएमसी के बागी पूर्व सांसद एनसीपीआई में शामिल होकर एनडीए नेताओं और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के साथ दिल्ली में बैठक कर रहे थे, उसी दिन ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के सांसदों और विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस हमारे सांसदों और विधायकों पर दबाव डाल रही है कि या तो वे भाजपा में शामिल हो जाएं या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें। क्या किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के लिए दबाव बनाना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed