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IIT: सरकार सख्त, अब कैंपस में आत्महत्या होने पर निदेशक-एचओडी पर गिरेगी गाज

सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: लव गौर Updated Fri, 23 Jan 2026 03:49 AM IST
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सार

अब आईआईटी कैंपस में किसी विद्यार्थी ने खुदकुशी की, तो निदेशक और एचओडी पर सीधे कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार ने देश के दिग्गज प्रौद्योगिकी संस्थानों में आत्महत्या के कारणों की समीक्षा का फैसला किया है। 

Government takes strict action directors and HODs will now be held responsible if suicides occur on IIT campus
IIT Kanpur - फोटो : official
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केंद्र सरकार ने देश के दिग्गज प्रौद्योगिकी संस्थानों में पढ़ाई और कैंपस के अन्य बढ़ते तनाव के कारण बढ़ते आत्महत्या मामले के कारणों की समीक्षा का फैसला लिया है। इसीलिए, राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (एनईटीएफ) के अध्यक्ष प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति 15 दिनों में रिपोर्ट देगी। समिति पिछले 22 दिनों में आईआईटी कानपुर में दो छात्रों द्वारा आत्महत्या समेत यह भी जांचेंगी कि आखिर आईआईटी के छात्र आत्महत्या क्यों कर रहे हैं। इसके अलावा, यह भी जांच होगी कि उच्च शिक्षण संस्थानों ने केंद्र सरकार की ओर से जुलाई 2023 में भेजी, छात्रों के भावनात्मक और मानसिक कल्याण की गाइडलाइन को लागू किया या नहीं।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एनईटीएफ अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल डी सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में गठित समिति में मूलचंद अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल के अलावा शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सदस्य होंगे। मंत्रालय का फोकस, आईआईटी, एनआईटी, आईआईटी समेत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के कैंपस में छात्रों को सुरक्षित माहौल देने और पढ़ाई का तनाव दूर करने पर है।
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इसी संदर्भ में, शिक्षा मंत्रालय ने जुलाई 2023 में देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों में एक सक्षम, समावेशी और सहायक माहौल बनाने के मकसद से उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के भावनात्मक और मानसिक कल्याण के लिए फ्रेमवर्क गाइडलाइन भेजी थी। इसमें, उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक व्यापक रोडमैप बनाना और संकाय सदस्यों के लिए संवेदीकरण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, छात्रों के लिए ओरिएंटेशन, परामर्श और हैंडहोल्डिंग तंत्र, तनाव, संकट और भेद्यता के लिए तत्काल हस्तक्षेप के लिए प्रारंभिक पहचान तंत्र, संस्थागत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी ) और आत्महत्या रोकथाम रणनीतियों का विकास, और एक लिंक-चेन मॉडल में बॉडी-मेंटर सिस्टम की स्थापना जैसे प्रमुख हस्तक्षेप पर ध्यान देना शामिल था।

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निदेशक, कुलपति, प्रिंसिपल, विभागाध्यक्ष, डीन की जिम्मेदारी होगी तय
सूत्रों के मुताबिक, सरकार, कैंपस में आत्महत्या रोकथाम के लिए निदेशक, कुलपति, प्रिंसिपल, डीन, विभागाध्यक्ष आदि की जिम्मेदारी तय करने की तैयारी कर रही है। इसमें यदि किसी कैंपस में कोई छात्र पढ़ाई या किसी तनाव के कारण आत्महत्या करता है और जांच रिपोर्ट में सिद्ध हो जाता है तो संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरेगी। इसमें, पद से हटाने से लेकर जुर्माने का प्रावधान शामिल करना है।

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