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Politics: मानसून सत्र में फिर संविधान संशोधन बिल लाएगी सरकार, परिसीमन हर हाल में लागू करने की रणनीति

Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Thu, 18 Jun 2026 04:56 AM IST
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सार

Politics: सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें जरूरी दो-तिहाई समर्थन जुटाने के लिए विपक्षी और गैर-एनडीए दलों से बातचीत तेज की गई है। द्रमुक को साधने के लिए हर राज्य में सीटें बढ़ाने और त्रिभाषा फॉर्मूले पर सहमति बनाने की कोशिश चल रही है। पढ़िए रिपोर्ट-
 

govt prepares to reintroduce constitutional amendment bill monsoon session women reservation delimitation plan
संसद की फाइल तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार

तृणमूल कांग्रेस के बाद शिवसेना यूबीटी में बड़ी टूट से उत्साहित मोदी सरकार ने महिला आरक्षण एवं परिसीमन के लिए संविधान संशोधन विधेयक को मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए सरकार की ओर से जहां गैरकांग्रेसी दलों से नए सिरे से संपर्क साधा जा रहा है, खासतौर पर द्रमुक को विधेयक में हर राज्य में आनुपातिक आधार पर 50 फीसदी सीटें बढ़ाने संबंधी प्रावधान जोड़ने का आश्वासन दिया गया है। द्रमुक के साथ त्रिभाषा फाॅर्मूले पर भी बीच का रास्ता निकालने पर बातचीत हो रही है।


राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत की बाधा पार कर चुकी सरकार के सामने असली चुनौती लोकसभा की है। वहां द्रमुक के बिना सरकार की बात नहीं बनने वाली। यही कारण है कि उसे मनाने के मोर्चे पर खुद गृह मंत्री अमित शाह जुटे हैं। चूंकि तमिलनाडु चुनाव के नतीजों के बाद द्रमुक ने विपक्षी इंडिया ब्लॉक से दूरी बना ली है। सरकार को उम्मीद है कि संबंधित बिल सहित कुछ अन्य सियासी मुद्दाें पर द्रमुक के साथ बीच की राह निकाली जा सकती है।
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द्रमुक पर दारोमदार 
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद केंद्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। अगर शिवसेना यूबीटी में टूट से सरकार के पास सांसदों के समर्थन का आंकड़ा 324 हो जाएगा, जो दो-तिहाई बहुमत (360) से 36 कम है। ऐसे में 22 सांसदों वाली द्रमुक की भूमिका अहम है।
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गर सरकार को द्रमुक का साथ मिला तो समर्थन का आंकड़ा 346 तक पहुंच जाएगा। ऐसे में 14 अतिरिक्त सांसदों का आंकड़ा जुटाने के लिए पार्टी एनसीपी पवार (7), वाईएसआर (4), जेएमएम (3) जैसे कुछ गैरकांग्रेसी दलों से समर्थन जुटाने की मुहिम शुरू करेगी।

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सपा से भी संपर्क साधेंगे : सरकार की रणनीति प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन के लिए सपा (37) से भी संपर्क साधने की है। एक मंत्री के मुताबिक, अगर द्रमुक का साथ मिला, तो संविधान संशोधन बिल की राह आसान हो जाएगी। तब कई दल या उसके सांसद समर्थन के लिए राजी हो जाएंगे।
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