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Hindi News ›   India News ›   Govt to take back plots if no house is built within 5 years, refund cost with interest: K'taka CM

कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: पांच साल में घर नहीं बनाया तो वापस होगा प्लॉट; मुख्यमंत्री शिवकुमार ने क्या कहा?

Sat, 01 Aug 2026 02:54 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 01 Aug 2026 02:54 PM IST
सार

कर्नाटक सरकार ने खाली पड़े भूखंडों (प्लॉट) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब बीडीए, नगर निकायों और सहकारी समितियों से मिले प्लॉट पर पांच साल में घर नहीं बनाने पर सरकार उसे वापस ले सकती है। जानिए क्यों लिया गया यह फैसला और प्लॉट मालिकों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

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Govt to take back plots if no house is built within 5 years, refund cost with interest: K'taka CM
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि अगर बंगलूरू विकास प्राधिकरण (बीडीए), पूर्व शहर सुधार न्यास बोर्ड (सीआईटीबी), नगर निकायों या सहकारी समितियों की ओर से दिए गए भूखंड पर पांच साल के भीतर घर नहीं बनाया गया, तो सरकार उसे वापस ले लेगी। हालांकि, भूखंड खरीदने के लिए जमा की गई रकम ब्याज सहित लौटा दी जाएगी।
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क्यों लिया गया यह फैसला?
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि खाली पड़े भूखंड कूड़ा फेंकने की जगह न बन जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार से जमीन पाने वाले लोगों की जिम्मेदारी है कि वे उस पर घर बनाएं और अपनी संपत्ति की देखभाल करें।
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हेब्बल जंक्शन के पास 'फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट' अभियान की शुरुआत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, चाहे वह बीडीए का भूखंड हो या नगर निगम का, मालिक की जिम्मेदारी है कि वह उसे साफ रखे। इसलिए भूखंड मिलने के पांच साल के भीतर घर बनना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो या तो दोगुना कर (टैक्स) लगाया जाएगा या फिर भूखंड वापस ले लिया जाएगा। 
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खाली भूखंडों पर क्यों सख्ती?
उन्होंने कहा कि जब भूखंड पर घर नहीं बनता, तो वह कूड़ा फेंकने की जगह बन जाता है। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार सच में उन भूखंडों को वापस ले लेगी, जहां घर नहीं बने हैं, तो शिवकुमार ने कहा, इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। हमें ऐसा करना पड़ेगा। हम लोगों को घर बनाने के लिए ही भूखंड देते हैं। 

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20-30 साल से खाली पड़े भूखंडों पर भी नजर
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने भूखंड मिलने के 20, 30 या 40 साल बाद भी घर नहीं बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, हम उनकी जमा की गई रकम ब्याज सहित वापस करेंगे और भूखंड अपने पास ले लेंगे। जिन लोगों को सीआईटीबी, बीडीए या सहकारी समितियों से भूखंड मिले हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि वे घर बनाएं। वे बिना चारदीवारी बनाए भूखंड को खाली कैसे छोड़ सकते हैं, जिससे वह कूड़ा फेंकने की जगह बन जाए? अगर वे खुद वहां कूड़ा नहीं भी फेंकते हैं, तब भी अपनी संपत्ति की सुरक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। 

उन्होंने कहा कि सरकार बंगलूरू को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही सरकार चाहती है कि संपत्ति मालिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अपने खाली प्लॉट को कूड़ा फेंकने की जगह न बनने दें।
 
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