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Dhari Assembly Seat: यहां 10 साल बाद फिर जीती भाजपा, जानें धारी सीट का चुनावी इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 24 Dec 2022 01:58 PM IST
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सार
Gujarat Election 2022 Result: अमरेली जिले की धारी विधानसभा सीट पर भाजपा के जेवी काकड़िया ने आप के कांतिभाई सतसिया को 8,717 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 46,466 वोट जबकि आप को यहां 37,749 वोट मिले।
फाइल
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विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
अमरेली जिले की धारी विधानसभा सीट से भाजपा ने जेवी काकड़िया को उतारा था। उनके सामने आप के कांतिभाई सतसिया थे। नतीजे की बात करें तो यहां भाजपा के जेवी काकड़िया ने आप के कांतिभाई सतसिया को 8,717 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 46,466 वोट जबकि आप को यहां 37,749 वोट मिले।
जेडीएस उम्मीदवार समेत नौ की जमानत जब्त
धारी सीट पर कांग्रेस अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के कीर्तिकुमार बोरीसागर को 17,978 वोट मिले जो कुल वोट का 15.09 फीसदी रहा। कांग्रेस उम्मीदवार के साथ ही जेडीएस उम्मीदवार समेत आठ अन्य उम्मीदवार भी ऐसे रहे जिनकी जमानत जब्त हो गई। जेडीएस उम्मीदवार पायल भावीन पटेल को मात्र 2,242 यानी 1.88 फीसद वोट मिले। वहीं, नोटा को यहां 1,845 वोट मिले।
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
धारी विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने जेवी काकड़िया को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने BJP के दिलीप संघानी को 15 हजार वोटों से हराया था। यहां इस कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी नौ उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 में अमरेली जिले की चार सीटों पर जीती थी कांग्रेस
अमरेली की पांच में से चार सीटों (अमरेली, राजुला, लाठी और सांवरकुंडला) पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी, जबकि एक सीट धारी पर भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था।
कांग्रेस से आए काकड़िया ने दिलाई जीत
इस चुनाव में भाजपा की टिकट पर जीते जेवी काकड़िया उन विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने पिछले पांच साल के दौरान कांग्रेस छोड़ी है। 2012 के चुनाव में यहां जीपीपी के नलिनभाई नानजीभाई कोटादिया ने कांग्रेस की कोकिलाबेन काकड़िया को हराया था। वहीं, इससे पहले 1998, 2002 और 2012 में लगातार तीन बार यह सीट भाजपा के खाते में गई थी। धारी सीट पर अब तक हुए 14 चुनावों में पांच बार कांग्रेस और चार बार भाजपा को यहां जीत मिली है।
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अमरेली जिले की धारी विधानसभा सीट से भाजपा ने जेवी काकड़िया को उतारा था। उनके सामने आप के कांतिभाई सतसिया थे। नतीजे की बात करें तो यहां भाजपा के जेवी काकड़िया ने आप के कांतिभाई सतसिया को 8,717 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 46,466 वोट जबकि आप को यहां 37,749 वोट मिले।
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जेडीएस उम्मीदवार समेत नौ की जमानत जब्त
धारी सीट पर कांग्रेस अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के कीर्तिकुमार बोरीसागर को 17,978 वोट मिले जो कुल वोट का 15.09 फीसदी रहा। कांग्रेस उम्मीदवार के साथ ही जेडीएस उम्मीदवार समेत आठ अन्य उम्मीदवार भी ऐसे रहे जिनकी जमानत जब्त हो गई। जेडीएस उम्मीदवार पायल भावीन पटेल को मात्र 2,242 यानी 1.88 फीसद वोट मिले। वहीं, नोटा को यहां 1,845 वोट मिले।
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
धारी विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने जेवी काकड़िया को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने BJP के दिलीप संघानी को 15 हजार वोटों से हराया था। यहां इस कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी नौ उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 में अमरेली जिले की चार सीटों पर जीती थी कांग्रेस
अमरेली की पांच में से चार सीटों (अमरेली, राजुला, लाठी और सांवरकुंडला) पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी, जबकि एक सीट धारी पर भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था।
कांग्रेस से आए काकड़िया ने दिलाई जीत
इस चुनाव में भाजपा की टिकट पर जीते जेवी काकड़िया उन विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने पिछले पांच साल के दौरान कांग्रेस छोड़ी है। 2012 के चुनाव में यहां जीपीपी के नलिनभाई नानजीभाई कोटादिया ने कांग्रेस की कोकिलाबेन काकड़िया को हराया था। वहीं, इससे पहले 1998, 2002 और 2012 में लगातार तीन बार यह सीट भाजपा के खाते में गई थी। धारी सीट पर अब तक हुए 14 चुनावों में पांच बार कांग्रेस और चार बार भाजपा को यहां जीत मिली है।