{"_id":"639da69b2148ec09326d2fc0","slug":"gujarat-election-2022-result-dhrangadhra-assembly-seat-profile-and-history","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dhrangadhra Assembly Seat: भाजपा के प्रकाश ने खिलाया कमल, जानें कैसा रहा है ध्रांगधरा का चुनावी इतिहास","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Dhrangadhra Assembly Seat: भाजपा के प्रकाश ने खिलाया कमल, जानें कैसा रहा है ध्रांगधरा का चुनावी इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 24 Dec 2022 02:26 PM IST
विज्ञापन
सार
Gujarat Election 2022: भाजपा के प्रकाशभाई वरमोरा ने कांग्रेस के छत्रसिंह गुंजारीया को 32,973 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 1,02,844 वोट जबकि कांग्रेस को यहां 69,871 वोट मिले। आप-बसपा उम्मीदवार समेत 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
गुजरात चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
सुरेंद्रनगर जिले की ध्रांगधरा विधानसभा सीट से भाजपा ने प्रकाशभाई वरमोरा को उतारा था। उनके सामने कांग्रेस के छत्रसिंह गुंजारीया थे। भाजपा के प्रकाशभाई वरमोरा ने कांग्रेस के छत्रसिंह गुंजारीया को 32,973 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 1,02,844 वोट जबकि कांग्रेस को यहां 69,871 वोट मिले।
आप-बसपा उम्मीदवार समेत 11 की जमानत जब्त
इस चुनाव में तीसरे नंबर पर आप रही, इसके प्रत्याशी वाघजीभाई कैला को 28,127 वोट मिले जो कुल वोट का 13.37 फीसदी रहा। कैला अपनी जमानत नहीं बचा सके। उनके अलावा बसपा उम्मीदवार समेत दस अन्य उम्मीदवारों की भी जमानत जब्त हो गई। बसपा उम्मीदवार सम्राट जयराज प्रभुभाई को महज 1,524 वोट मिले। वहीं, नोटा को यहां 3,613 वोट मिले।
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
ध्रांगधरा विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने परसोत्तम सावरिया को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने भाजपा के जयराम भाई सोंगरा को 13 हजार वोटों से हराया था। यहां इस कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी नौ उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 2012 में यहां से भाजपा तो 2007 में कांग्रेस उम्मीदवार जीतने में सफल रहे थे। इससे पहले 1995, 1998 और 2002 में लगातार तीन बार यह सीट भाजपा के कब्जे में रही थी। 1990 में यहां से जनता दल के छगनलाल पटेल जीते थे। इस सीट पर अब तक हुए कुल 14 चुनावों में पांच बार भाजपा तो चार बार कांग्रेस को जीत मिली है। वहीं तीन बार नगिनदास मानेकचंद शाह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे। नगिनदास ने 1972, 1975 और 1980 में यहां जीत दर्ज की थी।
2017 में सुरेंद्रनगर जिले की चार सीटों पर जीती थी कांग्रेस
पिछले विधानसभा चुनाव में सुरेंद्रनगर में कांग्रेस को बढ़त मिली थी। जिले की पांच में से चार सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। वहीं, एक सीट पर भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था।
Trending Videos
सुरेंद्रनगर जिले की ध्रांगधरा विधानसभा सीट से भाजपा ने प्रकाशभाई वरमोरा को उतारा था। उनके सामने कांग्रेस के छत्रसिंह गुंजारीया थे। भाजपा के प्रकाशभाई वरमोरा ने कांग्रेस के छत्रसिंह गुंजारीया को 32,973 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 1,02,844 वोट जबकि कांग्रेस को यहां 69,871 वोट मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
आप-बसपा उम्मीदवार समेत 11 की जमानत जब्त
इस चुनाव में तीसरे नंबर पर आप रही, इसके प्रत्याशी वाघजीभाई कैला को 28,127 वोट मिले जो कुल वोट का 13.37 फीसदी रहा। कैला अपनी जमानत नहीं बचा सके। उनके अलावा बसपा उम्मीदवार समेत दस अन्य उम्मीदवारों की भी जमानत जब्त हो गई। बसपा उम्मीदवार सम्राट जयराज प्रभुभाई को महज 1,524 वोट मिले। वहीं, नोटा को यहां 3,613 वोट मिले।
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
ध्रांगधरा विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने परसोत्तम सावरिया को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने भाजपा के जयराम भाई सोंगरा को 13 हजार वोटों से हराया था। यहां इस कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी नौ उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 2012 में यहां से भाजपा तो 2007 में कांग्रेस उम्मीदवार जीतने में सफल रहे थे। इससे पहले 1995, 1998 और 2002 में लगातार तीन बार यह सीट भाजपा के कब्जे में रही थी। 1990 में यहां से जनता दल के छगनलाल पटेल जीते थे। इस सीट पर अब तक हुए कुल 14 चुनावों में पांच बार भाजपा तो चार बार कांग्रेस को जीत मिली है। वहीं तीन बार नगिनदास मानेकचंद शाह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे। नगिनदास ने 1972, 1975 और 1980 में यहां जीत दर्ज की थी।
2017 में सुरेंद्रनगर जिले की चार सीटों पर जीती थी कांग्रेस
पिछले विधानसभा चुनाव में सुरेंद्रनगर में कांग्रेस को बढ़त मिली थी। जिले की पांच में से चार सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। वहीं, एक सीट पर भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था।