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सोमनाथ मंदिर के पास नॉनवेज पर बैन बरकरार: हाईकोर्ट ने पहले हटाया प्रतिबंध, फिर पलटा फैसला; जानिए पूरा मामला

Fri, 30 Oct 2026 09:46 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 30 Oct 2026 09:46 PM IST
सार

सोमनाथ मंदिर के पास नॉनवेज बिक्री पर प्रतिबंध हटाने के गुजरात हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश पर दो जजों की बेंच ने रोक लगा दी है। अब 26 दिसंबर को सुनवाई होगी।

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Gujarat HC Stays Order Against Ban on Non-Veg Food Sale Near Somnath Temple
गुजरात हाईकोर्ट - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉनवेज खाने की बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर हाईकोर्ट में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिन में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मंदिर के आसपास मांसाहारी भोजन की बिक्री पर लगी रोक को रद्द कर दिया था। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद हाईकोर्ट की दो जजों की पीठ ने इस फैसले पर रोक लगा दी।

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मुख्य न्यायाधीश मनाश रंजन पाठक और न्यायमूर्ति निरजार देसाई की खंडपीठ ने गुजरात सरकार की तत्काल अपील पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई। अदालत ने कहा कि फिलहाल जिला कलेक्टर की ओर से जारी प्रतिबंध लागू रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 26 दिसंबर को होगी।
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एकल पीठ ने क्या दिया था फैसला?
इससे पहले न्यायमूर्ति निशा ठाकोर ने सोमनाथ मंदिर के आसपास होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले संचालकों की याचिकाओं पर सुनवाई की थी। उन्होंने याचिकाएं स्वीकार करते हुए जिला कलेक्टर की ओर से जारी प्रतिबंध संबंधी अधिसूचना को रद्द कर दिया था।
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इसके बाद गुजरात सरकार ने तत्काल खंडपीठ के सामने अपील दायर की। सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद दो जजों की पीठ ने एकल पीठ के फैसले पर रोक लगा दी।

मंदिर के 500 मीटर के दायरे में बिक्री पर रोक
जिला कलेक्टर ने 10 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी कर सोमनाथ मंदिर के 500 मीटर के दायरे में नॉनवेज भोजन तैयार करने, रखने और बेचने पर प्रतिबंध लगाया था।

यह रोक क्षेत्र के छह निर्धारित मार्गों पर भी लागू की गई थी। ये रास्ते इलाके के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ते हैं और पवित्र सोमनाथ तीर्थ यात्रा सर्किट का हिस्सा हैं। इन मार्गों पर मांसाहारी भोजन की बिक्री पर भी रोक लगाई गई थी।

होटल संचालकों ने क्या दी दलील?
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने अपनी याचिका में कहा था कि इस तरह के प्रतिबंध उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। उनका तर्क था कि उन्हें कानूनी रूप से कारोबार करने और आजीविका कमाने का अधिकार है।

वहीं, राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि संविधान के तहत कारोबार करने की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि किसी भी स्थान पर हर तरह की व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति दी जा सकती है। सरकार के मुताबिक, किसी स्थान के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को भी ध्यान में रखना जरूरी है। सरकार ने कहा कि सोमनाथ कोई सामान्य व्यावसायिक शहर नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं के लिए इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है।


26 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश के बाद सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉनवेज भोजन तैयार करने, रखने और बेचने पर प्रतिबंध जारी रहेगा। अब इस मामले में 26 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी। तब अदालत इस विवाद से जुड़े पक्षों की दलीलों पर आगे विचार करेगी।

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