सोना तस्करी मामले में केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश को झटका दिया है। राज्य पुलिस ने स्वप्ना के खिलाफ तिरुवनंतपुरम और पलक्कड़ में दंगा भड़काने के लिए कथित साजिश रचने के मामले दर्ज किए थे। स्वप्ना ने इन मामलों को निरस्त करने के लिए अदालत का रुख किया था। लेकिन अदालत ने स्वप्ना की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
उच्च न्यायालय ने क्या कहा?
याचिकाओं को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि मामलों की जांच प्रारंभिक चरण में है। शिकायतकर्ता (स्वप्ना सुरेश) मामलों के संबंध में आरोप पत्र दायर होने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।
राज्य में कथित दंगा भड़ने की साजिश रचने का आरोप
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Swapna Suresh
- फोटो : social media
स्वप्ना सुरेश ने दो महीने पहले अदालत का रुख किया था। उनके खिलाफ राज्य में कथित दंगा भड़काने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था। स्वप्ना ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) को रद्द करने की मांग की थी। याचिका में सुरेश ने दावा किया था कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है।
सोना तस्करी में मुख्यमंत्री के शामिल होने का भी लगाया था आरोप
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Gold smuggler swapna suresh
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स्वप्ना ने अपनी याचिका में सोने की तस्करी सहित अन्य मामलों में केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन, उनके परिवार के दो सदस्यों, पूर्व मंत्री के.टी जलील, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन, मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव एम. शिवशंकर और कुछ शीर्ष नौकरशाहों के शामिल होने का भी आरोप लगाया था।
सोने की तस्करी का मामला क्या है?
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Swapna Suresh kerala
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5 जुलाई 2020 को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने तीस किलोग्राम से अधिक वजन और 15 करोड़ रुपये मूल्य के सोने का सामान जब्त किया था। यह सामान एयर कार्गो पर उतारा गया था और यूएई के वाणिज्य दूतावास में आए सामान में छिपाकर लाया गया था। सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की थी।