{"_id":"5c46f986bdec224b7a553e47","slug":"hearing-on-contempt-complaint-against-anil-ambani-on-25th-february","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनिल अंबानी के खिलाफ अवमानना शिकायत पर कंपनी-कानून अपीलीय मंच में सुनवाई 25 फरवरी को","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अनिल अंबानी के खिलाफ अवमानना शिकायत पर कंपनी-कानून अपीलीय मंच में सुनवाई 25 फरवरी को
Tue, 22 Jan 2019 04:37 PM IST
Avdhesh Kumar
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 22 Jan 2019 04:37 PM IST
विज्ञापन
Anil ambani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय कंपनी-विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के खिलाफ अवमानना की शिकायत पर सुनवाई अगले महीने की 25 तारीख तक के लिए टाल दी है। अनिल धीरुभाई अंबानी समूह के मुखिया के खिलाफ यह शिकायत समूह की इकाई रिलायंस इन्फ्राटेल के छोटे शेयरधारकों ने अपना भुगतान न मिलने के कारण की है। इनमें मारीशस की निवेशक कंपनी एचएसबीसी डेजी इन्वेस्टमेंट्स कंपनी और अन्य अल्पांश निवेशक शामिल हैं।
यह मामला न्यायमूर्ति जे एस मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ के सामने है। पीठ के सामने मंगलवार को जब इस मामले का उल्लेख किया गया तो उसने मामले को सुनवाई के लिए 25 फरवरी को पेश करने का निर्देश दिया।
इस मामले में कथित रूप से 230 करोड़ रुपये का भुगतान जुड़ा है। एचएसबीसी डेजी इन्वेस्टमेंट्स और अन्य की शिकायत है कि एनसीएलएटी के 26 जून 2018 के आदेश में उनके साथ रिलायंस इन्फ्राटेल की जो सहमति बनी थी उसके अनुसार बकाए का भुगतान छह माह में करने का वादा किया गया था। पर अंबानी की कंपनी ने न्यायाधिकरण में किये गए वादे के बावजद भुगतान नहीं किया।
विज्ञापन
छह माह की अवधि बीत जाने के बाद एचएसबीसी डेजी और नौ अन्य अल्पांश शेयरधारक ने यह अवमानना याचिका दायर की। इनकी रिलायंस इंफ्राटेल में 4.26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
विज्ञापन
यह मामला न्यायमूर्ति जे एस मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ के सामने है। पीठ के सामने मंगलवार को जब इस मामले का उल्लेख किया गया तो उसने मामले को सुनवाई के लिए 25 फरवरी को पेश करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
इस मामले में कथित रूप से 230 करोड़ रुपये का भुगतान जुड़ा है। एचएसबीसी डेजी इन्वेस्टमेंट्स और अन्य की शिकायत है कि एनसीएलएटी के 26 जून 2018 के आदेश में उनके साथ रिलायंस इन्फ्राटेल की जो सहमति बनी थी उसके अनुसार बकाए का भुगतान छह माह में करने का वादा किया गया था। पर अंबानी की कंपनी ने न्यायाधिकरण में किये गए वादे के बावजद भुगतान नहीं किया।
विज्ञापन
छह माह की अवधि बीत जाने के बाद एचएसबीसी डेजी और नौ अन्य अल्पांश शेयरधारक ने यह अवमानना याचिका दायर की। इनकी रिलायंस इंफ्राटेल में 4.26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।