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Weather: पूर्वोत्तर से दक्षिण भारत तक झमाझम बारिश, लू में तप रहे पूर्वी यूपी और बिहार; जानें कब बदलेगा मौसम

Thu, 25 Jun 2026 05:00 AM IST
Devesh Tripathi अजीत खरे, नई दिल्ली।
अजीत खरे, नई दिल्ली। Published by: Devesh Tripathi Updated Thu, 25 Jun 2026 05:00 AM IST
सार

मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत अधिक भारी बारिश हो सकती है। 

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Heavy rain from Northeast to South India Eastern UP and Bihar heatwave conditions when weather will change
कब बदलेगा मौसम? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में जमकर बारिश हो रही है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और मिजोरम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में भी नौ दिन की देरी से मानसून ने बुधवार को दस्तक दे दी। उधर, मुंबई में पिछले 24 घंटे से बहुत तेज बारिश हो रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गई। मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर 81 से 135 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी तूफान की स्थिति रही। लेकिन बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में अभी लू की स्थिति बनी हुई है।
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मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। इसके अगले 2-3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थिति है। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है।
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मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गुजरात, असम, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई। इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत अधिक भारी बारिश हो सकती है। 
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मुंबई : निचले इलाकों में बाढ़, लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित
महानगर में मानसून के दस्तक देने के अगले ही दिन रात भर हुई भारी बारिश से सड़क और रेल सेवा प्रभावित हुआ। निचले इलाकों में पानी भर गया जिससे बुधवार को यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में 24 घंटों में 300 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि किंग्स सर्कल में पानी से भरे गांधी मार्केट का निरीक्षण करते समय, बृहन बृहन्मुंबई नगर निगम का एक सुपरवाइजर खुली नाली में गिर गया, लेकिन उसे तुरंत बचा लिया गया और कोई गंभीर चोट नहीं आई। जलभराव हुआ से घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा। ठाणे और पालघर में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण कई दर्जनों पेड़ गिरे हैं।

मानसून : जून मध्य तक 43 फीसदी कम बारिश से बढ़ी चिंता
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत भले ही अब रफ्तार पकड़ती दिख रही हो, पर जून के मध्य तक सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश ने कृषि, जल संसाधनों और पेयजल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एल नीनो की स्थिति मानसून की कमजोरी का एक प्रमुख कारण हो सकती है, जिसका असर आने वाले महीनों में खेती और जल प्रबंधन पर दिखाई दे सकता है। मुंबई के कई उपनगरीय इलाकों में केवल हल्की फुहारें पड़ने से यह संकेत मिला कि मानसून सक्रिय होने के बावजूद उसका प्रभाव अभी समान रूप से नहीं फैल पाया है। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून के मध्य तक देश में लगभग 60.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि के सामान्य औसत से करीब 43 प्रतिशत कम है। 

जून से सितंबर के बीच का मानसूनी मौसम देश की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराता है। यदि मानसून की स्थिति में जल्द सुधार नहीं होता है तो इसका सीधा असर धान, मक्का सहित विभिन्न खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में खाद्यान्न कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

सिक्किम : कई स्थानों पर भूस्खलन से संपर्क टूटा
सिक्किम में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिससे ग्यालशिंग लेगशिप सड़क बंद हो गई। इसके कारण पश्चिम सिक्किम जिला मुख्यालय का राज्य के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया। ग्यालशिंग में 24 घंटों में 95.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण, भारी मात्रा में कीचड़ और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।


हिमाचल किन्नौर में बादल फटा पैदल पुल, पेयजल लाइनें ध्वस्त
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के नाथपा उपमंडल के काचरंग नाले में मंगलवार देर रात बादल फटने से भीषण बाढ़ आ गई। बाढ़ के तेज बहाव से सड़क पूरी तरह बाधित हो गई। जलशक्ति विभाग की 20 मिमी की करीब 100 मीटर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। दो पेयजल भंडारण टैंक भी ध्वस्त हो गए।
 
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