फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sonia Gandhi Memoir How Personal Tragedies Led Her to Politics Why She Turn Down Prime Minister Post?

Sonia Gandhi Memoir: सोनिया ने क्यों ठुकराया था प्रधानमंत्री पद, अपनों की मौत के बाद सियासी अग्निपथ कैसे चुना?

Wed, 19 Aug 2026 07:24 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 19 Aug 2026 07:24 AM IST
सार

सोनिया गांधी की संस्मरण पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। किताब में उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद बदली जिंदगी, नेहरू-गांधी परिवार में अपने अनुभव और राजनीति में आने की कहानी साझा की है। सोनिया ने प्रधानमंत्री पद का प्रस्ताव भी ठुकराया था। आखिर किन निजी घटनाओं ने उन्हें राजनीति की सार्वजनिक दुनिया में आने के लिए मजबूर किया और उस फैसले के पीछे क्या था? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Sonia Gandhi Memoir How Personal Tragedies Led Her to Politics Why She Turn Down Prime Minister Post?
सोनिया गांधी की किताब में क्या नया होगा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने संस्मरण में निजी जिंदगी से लेकर राजनीति तक के सफर की कहानी बताएंगी। उनकी किताब बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव 10 नवंबर को अल्फ्रेड ए नॉफ के प्रकाशन से जारी होगी। इसमें नेहरू-गांधी परिवार में शादी के बाद का जीवन, निजी दुख, राजनीति में प्रवेश और प्रधानमंत्री पद ठुकराने के फैसले जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग शामिल हैं। सोनिया ने अपने जीवन को सिर्फ राजनीतिक घटनाओं के जरिए नहीं, बल्कि निजी अनुभवों के नजरिए से सामने रखा है।
विज्ञापन

अपनों को खोने के दुख ने राजनीति का रास्ता कैसे खोला?

सोनिया गांधी मूल रूप से इटली की रहने वाली हैं। इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। राजीव गांधी जवाहरलाल नेहरू के नाती और इंदिरा गांधी के बेटे थे। शादी के बाद सोनिया ने नेहरू-गांधी परिवार के साथ भारत में जीवन बिताया। संस्मरण में उन्होंने 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और इसके सात साल बाद 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद अपने जीवन में आए बड़े बदलावों को याद किया है। उनके अनुसार, इन निजी त्रासदियों और अपनों को खोने के अनुभव ने उन्हें राजनीति की सार्वजनिक दुनिया की ओर ला खड़ा किया।
विज्ञापन

क्या सोनिया गांधी पहले राजनीति से दूर रहना चाहती थीं?

  • संस्मरण में सोनिया ने बताया है कि राजनीति में आने से पहले वह अपनी निजी जिंदगी और निजता को लेकर बेहद सजग थीं।
  • परिवार में हुई लगातार त्रासदियों और बदलती परिस्थितियों ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
  • राजनीति में आने के बाद वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली नेताओं में शामिल हुईं।
  • उनके राजनीतिक सफर में पार्टी का नेतृत्व, चुनावी संघर्ष और केंद्र की सत्ता से जुड़ी बड़ी घटनाएं शामिल रहीं।

प्रधानमंत्री पद ठुकराने का फैसला क्यों अहम रहा?

सोनिया गांधी के राजनीतिक जीवन का सबसे चर्चित फैसला प्रधानमंत्री पद का प्रस्ताव ठुकराना रहा। कांग्रेस की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला था, लेकिन उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया। बाद में 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने केंद्र में सरकार बनाई। संस्मरण में सोनिया अपने फैसलों और उनके पीछे की सोच को व्यक्तिगत नजरिए से सामने रखने वाली हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार के बारे में सोनिया ने क्या कहा?

  • सोनिया गांधी ने कहा है कि उनके परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके फैसलों, प्रेरणाओं और मानवीय कमजोरियों को समझने की कोशिश कम हुई है।
  • उनके अनुसार, यह किताब परिवार के मानवीय पक्ष को श्रद्धांजलि देने के साथ भारत में छह दशकों के दौरान हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का उनका निजी नजरिया भी पेश करती है।
  • उन्होंने माना कि अपने जीवन के बारे में लिखना आसान नहीं था, क्योंकि इसके लिए लंबे समय से भीतर संजोए अनुभवों को सामने लाना पड़ा।

इटली से भारत तक सोनिया गांधी की कहानी क्या कहती है?

सोनिया गांधी के अनुसार, उनके बचपन के इटली से लेकर भारत में राजीव गांधी की पत्नी और इंदिरा गांधी की बहू के रूप में बिताए वर्षों तक उनके जीवन में प्रेम और निष्ठा की एक निरंतर कड़ी रही। आज भी नेहरू-गांधी परिवार राजनीति में सक्रिय है। सोनिया गांधी के दोनों बच्चे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस के सांसद हैं और लोकसभा की विपक्षी राजनीति का हिस्सा हैं। उनकी नई किताब निजी जीवन और भारतीय राजनीति के लंबे दौर को समझने का एक अलग नजरिया पेश करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed