सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Highway Scam Near Indo-China Border: ED Probes ₹44.98 Crore Fraud in Arunachal

ED: अरुणाचल में चीन से लगते बॉर्डर के निकट राजमार्ग में घोटाला, अफसरों/बाबूओं ने किया 44.98 करोड़ रुपये का गबन

डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 01 Apr 2026 07:45 PM IST
विज्ञापन
Highway Scam Near Indo-China Border: ED Probes ₹44.98 Crore Fraud in Arunachal
ईडी की कार्रवाई - फोटो : ANI
विज्ञापन

अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगते बॉर्डर के निकट बनाए जा रहे राजमार्ग में घोटाला सामने आया है। ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) भूमि अधिग्रहण मुआवजे घोटाले में ईडी ने पूरक अभियोग शिकायत दर्ज की है। आरोप है कि सरकारी अफसरों/बाबूओं ने 44.98 करोड़ रुपये का गबन किया है। इस मामले में सरकारी कर्मचारियों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश रची थी।    

Trending Videos


1400 किलोमीटर लंबी परियोजना 
बता दें कि ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच), परियोजना को एनएच-13 के नाम से भी जाना जाता है। यह सड़क परियोजना, 1400 किलोमीटर लंबी है। यह अरुणाचल प्रदेश के 26 जिला मुख्यालयों को जोड़ेगी। यह परियोजना, चीन की सीमा के करीब स्थित तवांग को पूर्व में वाक्रो से जोड़ती है। पहाड़ी क्षेत्र में चीन के बॉर्डर के निकट, कनेक्टिविटी में सुधार और रणनीतिक विकास के लिए टीएएच को बहुत अहम माना गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


44.98 करोड़ रुपये का मुआवजा घोटाला 
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इटानगर उप क्षेत्रीय कार्यालय ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए), युपिया, अरुणाचल प्रदेश के समक्ष 44.98 करोड़ रुपये के ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) भूमि अधिग्रहण मुआवजे घोटाले के संबंध में पूरक अभियोग शिकायत (एसपीसी) दायर की है। इसमें सरकारी धन का गबन करने की बात सामने आई है। पूरक अभियोग शिकायत पीएमएलए की धारा 44 और 45 के तहत अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने, वित्तीय लेन-देन के विस्तृत विवरण और धन शोधन के अपराध में अन्य आरोपियों की संलिप्तता को उजागर करने के लिए दायर की गई है।

सरकारी अधिकारियों/कर्मियों ने रची साजिश 
ईडी की जांच में पता चला है कि वरिष्ठ जिला स्तरीय अधिकारियों सहित सरकारी कर्मचारियों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश रची थी। इसके तहत ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) परियोजना (पोटिन-बोपी खंड) के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए आवंटित सरकारी मुआवजे की धनराशि को धोखाधड़ी से गबन किया गया था। यह भी पता चला है कि आरोपियों ने फर्जी लाभार्थियों का सृजन, सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी और जाली बिल तैयार करके धनराशि के गबन को सुगम बनाया। इसके बाद कई बैंक खातों और मध्यस्थ संस्थाओं के माध्यम से धनराशि को इधर-उधर करके अपराध की आय को बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित किया गया। 

ये सरकारी अधिकारी हैं शामिल 
वर्तमान पूरक अभियोग शिकायत में, अन्य बातों के अलावा, केमो लोलेन (तत्कालीन उपायुक्त, जीरो), भरत लिंगु (तत्कालीन जिला भूमि राजस्व एवं बंदोबस्त अधिकारी, जीरो), टोको ताजे (जूनियर इंजीनियर), कबाक भट्ट (जूनियर इंजीनियर) और रेड्डी बेई (रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर) सहित अतिरिक्त आरोपियों को शामिल किया गया है। ईडी की जांच के अनुसार, ये लोग मुआवजे के आकलन, अनुमोदन और वितरण की प्रक्रिया में विभिन्न चरणों में शामिल थे। इसके अलावा, लिखा माज और तादर बाबिन, जिनकी पहचान धोखाधड़ी से लाभ प्राप्त करने वाले के रूप में हुई है, ने वैध पात्रता के बिना पर्याप्त मुआवजा राशि प्राप्त की है। आरोप है कि उसने इस धन का लेन-देन, निकासी और उपयोग किया है। रुपये की ट्रांजेक्शन को सुगम बनाने में सहयोगी/मध्यस्थ के रूप में मोजी लोलेन की भूमिका को भी अभियोग शिकायत में उजागर किया गया है। 

माज के बैंक खाते में 9.44 करोड़ रुपये 
ईडी की जांच में यह भी पता चला कि सरकारी निधियों की बड़ी रकम का गबन किया गया। कई बैंक खातों के माध्यम से उनका हस्तांतरण हुआ। विशेष रूप से, 9.44 करोड़ रुपये, लिखा माज के बैंक खाते के माध्यम से भेजे गए। 5.47 करोड़ रुपये, तादर बाबिन ने बिना किसी वैध हक के प्राप्त किए। वित्तीय लेन-देन से पता चलता है कि इसमें मेसर्स टी एंड जी एंटरप्राइजेज और मेसर्स तेनज़िन एंटरप्राइजेज जैसी संस्थाओं के माध्यम से धन का हेरफेर किया गया था। अभियोजन शिकायत में उल्लिखित पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयान दस्तावेजी और वित्तीय साक्ष्यों की पुष्टि करते हैं, जिसमें बिना हक के मुआवजा प्राप्त करने और लोक सेवकों के निर्देशों पर धन के हस्तांतरण की स्वीकारोक्ति शामिल है। अभियोजन शिकायत में सरकारी निधियों के गबन का खुलासा हुआ है। इसमें मुआवजे के औपचारिक वितरण की शुरुआत से पहले कई चेक के माध्यम से 9.44 करोड़ रुपये काल्पनिक लाभार्थियों को हस्तांतरित करना भी शामिल है।

10.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त 
जांच के दौरान, ईडी ने अपराध से प्राप्त आय को जब्त करने के लिए कई कार्रवाई की हैं। इनमें 2.40 करोड़ रुपये और 22 लाख रुपये की नकद राशि जब्त करना, लगभग 1.19 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस (तादर बाबिन और अन्य आरोपियों से जुड़े खातों सहित) को फ्रीज करना और पहले से ही बैंक खातों और जमाओं में लगभग 3.95 करोड़ रुपये की धनराशि को फ्रीज करना शामिल है। ईडी ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत 2.37 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इस मामले में कुर्की, जब्ती और फ्रीजिंग के माध्यम से अब तक प्राप्त अपराध से प्राप्त आय का कुल मूल्य लगभग 10.13 करोड़ रुपये है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed