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पश्चिम बंगाल: एसआईआर के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन, मालदा-जलपाईगुड़ी समेत कई जिलों में राजमार्ग अवरुद्ध
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 02 Apr 2026 07:02 PM IST
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सार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर के तहत नाम हटाए जाने के विरोध में कई जिलों में प्रदर्शन हुए। लोगों ने सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुध किया। उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री पर राज्य में अशांति फैलाने का आरोप लगाया। पढ़िए रिपोर्ट-
एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से तीन हफ्ते पहल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गुरुवार को राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में सड़कों और राजमार्गों को अवरुद्ध किया।
मालदा, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और पूर्व बर्धमान में लोगों ने टायर जलाए, सड़कें बाधित कीं और शांतिपूर्ण मार्च निकाले। इन इलाकों में 23 अप्रैल को मतदान होना है।
एक दिन पहले मतदाता सूची संशोधन के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को मालदा जिले के कालियाचक में घेर लिया गया था, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। कई घंटों बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया और बुधवार को कोलकाता और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को भी जाम कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने अमित शाह पर लगाया राज्य में अशांति फैलाने का आरोप
इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राज्य में अशांति फैलाने और राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए साजिश की योजना बनाने का आरोप लगाया।
एसआईआर के खिलाफ राज्य में कहां-कहां प्रदर्शन हुए?
कालियाचक की घटना के कुछ घंटों बाद गुरुवार सुबह फिर से मालदा के मंगलबाड़ी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को अवरुद्ध कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और बांस की बैरिकेडिंग लगाकर सड़क बंद कर दी, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इंग्लिश बाजार के जादुपुर इलाके में भी ऐसा ही प्रदर्शन हुआ।
कालियाचक की घटना के कुछ घंटों बाद गुरुवार सुबह फिर से मालदा के मंगलबाड़ी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को अवरुद्ध कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और बांस की बैरिकेडिंग लगाकर सड़क बंद कर दी, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इंग्लिश बाजार के जादुपुर इलाके में भी ऐसा ही प्रदर्शन हुआ।
प्रदर्शनकारी ने क्या कहा?
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, हमारे पास सभी जरूरी दस्तावेज हैं। फिर भी हमारे नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। हम तुरंत सुधार चाहते हैं। मंगलबाड़ी में यह जाम करीब चार घंटे तक रहा। बाद में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शेख अंसार अहमद के मौके पर पहुंचकर शिकायतों पर ध्यान देने का आश्वासन देने के बाद जाम हटाया गया।
ये भी पढ़ें: 'हिमंत बिस्व सरमा ने जिसके साथ भी काम किया, सबको धोखा दिया', रैली में राहुल का असम सीएम पर हमला
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और एक चालक के सिर में चोट लगी। उन्होंने कहा कि इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जलपाईगुड़ी के मयनागुड़ी में भी लोगों ने गुरुवार सुबह से राष्ट्रीय-27 को हुसुलडांगा में जाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि एसआईआर के बाद कई वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं या विचाराधीन रखे गए हैं। सुबह से राजमार्ग पर लंबा जाम लगा रहा और दोनों तरफ माल ढोने वाले वाहनों की कतार लग गई। लोगों ने तख्तियां लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और अपने नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़ने की मांग की।
सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की, लेकिन वे नहीं माने। कई घंटे की बातचीत के बाद जाम हटाया गया। एक अन्य समूह ने मयनागुड़ी-लाटागुड़ी रोड को भी जाम किया।
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मालदा, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और पूर्व बर्धमान में लोगों ने टायर जलाए, सड़कें बाधित कीं और शांतिपूर्ण मार्च निकाले। इन इलाकों में 23 अप्रैल को मतदान होना है।
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एक दिन पहले मतदाता सूची संशोधन के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को मालदा जिले के कालियाचक में घेर लिया गया था, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। कई घंटों बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया और बुधवार को कोलकाता और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को भी जाम कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने अमित शाह पर लगाया राज्य में अशांति फैलाने का आरोप
इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राज्य में अशांति फैलाने और राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए साजिश की योजना बनाने का आरोप लगाया।
एसआईआर के खिलाफ राज्य में कहां-कहां प्रदर्शन हुए?
कालियाचक की घटना के कुछ घंटों बाद गुरुवार सुबह फिर से मालदा के मंगलबाड़ी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को अवरुद्ध कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और बांस की बैरिकेडिंग लगाकर सड़क बंद कर दी, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इंग्लिश बाजार के जादुपुर इलाके में भी ऐसा ही प्रदर्शन हुआ।
कालियाचक की घटना के कुछ घंटों बाद गुरुवार सुबह फिर से मालदा के मंगलबाड़ी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को अवरुद्ध कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और बांस की बैरिकेडिंग लगाकर सड़क बंद कर दी, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इंग्लिश बाजार के जादुपुर इलाके में भी ऐसा ही प्रदर्शन हुआ।
प्रदर्शनकारी ने क्या कहा?
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, हमारे पास सभी जरूरी दस्तावेज हैं। फिर भी हमारे नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। हम तुरंत सुधार चाहते हैं। मंगलबाड़ी में यह जाम करीब चार घंटे तक रहा। बाद में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शेख अंसार अहमद के मौके पर पहुंचकर शिकायतों पर ध्यान देने का आश्वासन देने के बाद जाम हटाया गया।
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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और एक चालक के सिर में चोट लगी। उन्होंने कहा कि इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जलपाईगुड़ी के मयनागुड़ी में भी लोगों ने गुरुवार सुबह से राष्ट्रीय-27 को हुसुलडांगा में जाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि एसआईआर के बाद कई वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं या विचाराधीन रखे गए हैं। सुबह से राजमार्ग पर लंबा जाम लगा रहा और दोनों तरफ माल ढोने वाले वाहनों की कतार लग गई। लोगों ने तख्तियां लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और अपने नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़ने की मांग की।
सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की, लेकिन वे नहीं माने। कई घंटे की बातचीत के बाद जाम हटाया गया। एक अन्य समूह ने मयनागुड़ी-लाटागुड़ी रोड को भी जाम किया।