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Himachal Results 2022: 'ऑपरेशन लोटस' का खतरा, कांग्रेस उम्मीदवारों से कहा, रिकॉर्डिंग पर रखें फोन, यात्रा के ल
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सार
कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, जब एग्जिट पोल आए थे तो उसी दिन से संभावित विजयी उम्मीदवारों के पास दूसरे दल से फोन आने शुरु हो गए थे। उन्हें कहा गया था कि वे पुरानी बातें भूल जाएं।
हिमाचल प्रदेश चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी तक हुई गिनती के जो रुझान सामने आ रहे हैं, उसके मुताबिक कांग्रेस बढ़त लेती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस पार्टी राज्य की 68 सीटों में से 39 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि भाजपा 26 सीटों पर आगे है। तीन सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को हिमाचल प्रदेश में 'ऑपरेशन लोटस' का खतरा महसूस हो रहा है। जो उम्मीदवार जीत के करीब पहुंच रहे हैं, उन्हें अपने मोबाइल फोन को रिकॉर्डिंग पर रखने के लिए कहा गया है। साथ ही उन्हें यह भी कहा गया है कि 'ऑपरेशन लोटस' की स्थिति में वे किसी भी जगह की यात्रा के लिए तैयार रहें। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, शिमला के लिए रवाना हो चुके हैं। इन दोनों नेताओं को 'ऑपरेशन लोटस' से निपटने की जिम्मेदारी मिली है।
कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, जब एग्जिट पोल आए थे तो उसी दिन से संभावित विजयी उम्मीदवारों के पास दूसरे दल से फोन आने शुरु हो गए थे। उन्हें कहा गया था कि वे पुरानी बातें भूल जाएं। विजयी होने की स्थिति में उनका पार्टी में दोबारा से स्वागत है। हालांकि इस तरह के फोन पार्टी के अधिकृत पदाधिकारी द्वारा नहीं किए गए, बल्कि इसके लिए मध्यस्थों की मदद ली गई। अब वोटों की गिनती में कांग्रेस पार्टी, सरकार बनाने के करीब आ रही है। ऐसे में 'ऑपरेशन लोटस' की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि भूपेश बघेल और हुड्डा को, 'ऑपरेशन लोटस' से निपटने की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा दी गई है।
चूंकि एग्जिट पोल आने के बाद भाजपा नेता लगातार इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं कि हिमाचल में सरकार तो उन्हीं की बनेगी। सीएम जयराम ठाकुर खुद भी ऐसी ही बात कह चुके हैं। एग्जिट पोल के बाद उन्होंने कहा था, भाजपा दोबारा से सत्ता में आ रही है। इस तरह की बयानबाजी के बाद कांग्रेस नेतृत्व सक्रिय हो गया। अगर दोनों पार्टियों के बीच जीत का अंतर पांच छह सीटों का रहता है तो उस स्थिति में 'ऑपरेशन लोटस' शुरु हो सकता है।
ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों को महफूज रखने के लिए उन्हें रायपुर, जयपुर या चंडीगढ़ में ले जा सकती है। अगर कांग्रेस पार्टी में सीएम पद को लेकर सहमति नहीं बनती है तो उस स्थिति में 'ऑपरेशन लोटस' की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। यही वजह है कि बुधवार को प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा, सभी नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक लेंगे। ऐसा संभावित है कि उन्हें किसी एक जगह पर ही रखा जाए। सूत्रों का कहना है कि पूर्ण विजय की स्थिति में कांग्रेस पार्टी अगले दो तीन दिन के भीतर सरकार का गठन कर सकती है।
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कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, जब एग्जिट पोल आए थे तो उसी दिन से संभावित विजयी उम्मीदवारों के पास दूसरे दल से फोन आने शुरु हो गए थे। उन्हें कहा गया था कि वे पुरानी बातें भूल जाएं। विजयी होने की स्थिति में उनका पार्टी में दोबारा से स्वागत है। हालांकि इस तरह के फोन पार्टी के अधिकृत पदाधिकारी द्वारा नहीं किए गए, बल्कि इसके लिए मध्यस्थों की मदद ली गई। अब वोटों की गिनती में कांग्रेस पार्टी, सरकार बनाने के करीब आ रही है। ऐसे में 'ऑपरेशन लोटस' की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि भूपेश बघेल और हुड्डा को, 'ऑपरेशन लोटस' से निपटने की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा दी गई है।
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चूंकि एग्जिट पोल आने के बाद भाजपा नेता लगातार इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं कि हिमाचल में सरकार तो उन्हीं की बनेगी। सीएम जयराम ठाकुर खुद भी ऐसी ही बात कह चुके हैं। एग्जिट पोल के बाद उन्होंने कहा था, भाजपा दोबारा से सत्ता में आ रही है। इस तरह की बयानबाजी के बाद कांग्रेस नेतृत्व सक्रिय हो गया। अगर दोनों पार्टियों के बीच जीत का अंतर पांच छह सीटों का रहता है तो उस स्थिति में 'ऑपरेशन लोटस' शुरु हो सकता है।
ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों को महफूज रखने के लिए उन्हें रायपुर, जयपुर या चंडीगढ़ में ले जा सकती है। अगर कांग्रेस पार्टी में सीएम पद को लेकर सहमति नहीं बनती है तो उस स्थिति में 'ऑपरेशन लोटस' की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। यही वजह है कि बुधवार को प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा, सभी नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक लेंगे। ऐसा संभावित है कि उन्हें किसी एक जगह पर ही रखा जाए। सूत्रों का कहना है कि पूर्ण विजय की स्थिति में कांग्रेस पार्टी अगले दो तीन दिन के भीतर सरकार का गठन कर सकती है।