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LS: टोगो प्रतिनिधिमंडल से मिले बिरला, कहा- उम्मीद है कि देश में संवैधानिक बदलावों से बढ़ेंगी संसद की शक्तियां
Fri, 02 Aug 2024 07:47 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 02 Aug 2024 07:47 PM IST
सार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज टोगो के मंत्रियों, सांसदों, संवैधानिक न्यायालय के न्यायाधीशों और सलाहकारों के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल के मुलाकात की है। इस दौरान ओम बिरला ने कहा कि उम्मीद है कि टोगो में संवैधानिक बदलावों से संसद की शक्तियां बढ़ेंगी।
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टोगो प्रतिनिधिमंडल से मिले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
- फोटो : X / @ombirlakota
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विस्तार
पश्चिमी अफ्रीकी देश टोगो के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसद भवन में मुलाकात की। टोगो प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा- टोगो के मंत्रियों, सांसदों, संवैधानिक न्यायालय के न्यायाधीशों और सलाहकारों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई।
'भारत भविष्य में भी टोगो को अपना देने के लिए तैयार'
लोकसभा अध्यक्ष ने आगे लिखा - भारत और टोगो के बीच हमेशा से सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि टोगो के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भारत ने टोगो के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है और हम भविष्य में भी टोगो को अपना पूरा समर्थन देने के लिए तैयार हैं।
लोकसभा सचिवालय में प्रशिक्षण ले रहा टोगो प्रतिनिधिमंडल
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि टोगो प्रतिनिधिमंडल लोकसभा सचिवालय में प्रशिक्षण ले रहा है और मैंने आशा व्यक्त की कि भारत की संसदीय परंपराओं, प्रथाओं और प्रक्रिया और समिति प्रणाली को समझना उनके लिए बेहद फायदेमंद होगा। चूंकि टोगो में सकारात्मक संवैधानिक परिवर्तन किए जा रहे हैं जो लोकतंत्र को मजबूत करेंगे, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विधायिका की क्षमता को बढ़ाएंगे।
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वहीं 1947 में संसदीय लोकतंत्र की ओर भारत की यात्रा और भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया को याद करते हुए ओम बिरला ने कहा कि यह प्रक्रिया काफी लंबी थी क्योंकि संविधान निर्माताओं ने दुनिया के सभी प्रमुख संविधानों का बारीकी से अध्ययन किया और भारतीय संविधान में उनकी सर्वश्रेष्ठ विशेषताओं को शामिल किया।
संसदीय लोकतांत्रिक शासन प्रणाली लागू कर रहा टोगो
बता दें कि वर्तमान में टोगो में राष्ट्रपति शासन प्रणाली है, जिसे बदलकर अब वहां संसदीय लोकतांत्रिक शासन प्रणाली लागू की जा रही है। संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली पर जोर देते हुए ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में संसद नागरिकों की संप्रभु आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होती है। उन्होंने कहा कि इस सर्वोच्च मंच पर लोगों की समस्याओं और चिंताओं पर चर्चा की जाती है और सामूहिक सहमति से समाधान निकाला जाता है।
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'भारत भविष्य में भी टोगो को अपना देने के लिए तैयार'
लोकसभा अध्यक्ष ने आगे लिखा - भारत और टोगो के बीच हमेशा से सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि टोगो के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भारत ने टोगो के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है और हम भविष्य में भी टोगो को अपना पूरा समर्थन देने के लिए तैयार हैं।
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लोकसभा सचिवालय में प्रशिक्षण ले रहा टोगो प्रतिनिधिमंडल
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि टोगो प्रतिनिधिमंडल लोकसभा सचिवालय में प्रशिक्षण ले रहा है और मैंने आशा व्यक्त की कि भारत की संसदीय परंपराओं, प्रथाओं और प्रक्रिया और समिति प्रणाली को समझना उनके लिए बेहद फायदेमंद होगा। चूंकि टोगो में सकारात्मक संवैधानिक परिवर्तन किए जा रहे हैं जो लोकतंत्र को मजबूत करेंगे, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विधायिका की क्षमता को बढ़ाएंगे।
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वहीं 1947 में संसदीय लोकतंत्र की ओर भारत की यात्रा और भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया को याद करते हुए ओम बिरला ने कहा कि यह प्रक्रिया काफी लंबी थी क्योंकि संविधान निर्माताओं ने दुनिया के सभी प्रमुख संविधानों का बारीकी से अध्ययन किया और भारतीय संविधान में उनकी सर्वश्रेष्ठ विशेषताओं को शामिल किया।
संसदीय लोकतांत्रिक शासन प्रणाली लागू कर रहा टोगो
बता दें कि वर्तमान में टोगो में राष्ट्रपति शासन प्रणाली है, जिसे बदलकर अब वहां संसदीय लोकतांत्रिक शासन प्रणाली लागू की जा रही है। संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली पर जोर देते हुए ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में संसद नागरिकों की संप्रभु आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होती है। उन्होंने कहा कि इस सर्वोच्च मंच पर लोगों की समस्याओं और चिंताओं पर चर्चा की जाती है और सामूहिक सहमति से समाधान निकाला जाता है।