मीडिया संयोजन: डिजिटल मंच पर सियासी जंग के लिए भाजपा ने कसी कमर, अब दो की जगह 4 लोगों की टीम
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भाजपा ने अपनी नई टीम के जरिये सोशल मीडिया पर सियासी जंग के लिए कमर कसने का संदेश दिया है। जेन-जी से सोशल मीडिया के मंच से लगे झटके के बाद पार्टी ने न सिर्फ अपने इस विंग का दायरा बढ़ाया है, बल्कि इसमें चुन-चुन कर डिजिटल प्लानिंग, डिजिटल कैंपेन और इस मंच पर आक्रामक ढंग से विचार रखने वाली शख्सियतों को जगह दी है। खास बात यह है कि बीते 12 वर्षों से महज एक व्यक्ति से संचालित हो रहे इस प्रकोष्ठ के लिए भाजपा ने पांच दिग्गजों की टीम तैयार की है।
बीते महीने नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया के मंच से उठे जेन-जी के तूफान के बाद से ही पार्टी और मोदी सरकार बेहद चिंतित है। आंदोलन के बाद खुद पीएम मोदी ने न सिर्फ इस वर्ग के पसंदीदा प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिये जेन-जी से संवाद का सिलसिला शुरू किया था, बल्कि मंत्रियों को भी इन वर्ग के पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चूंकि चुनावी परिणाम तय करने में सोशल मीडिया ही सबसे अहम भूमिका निभाएगी, ऐसे में एक तिहाई आबादी वाला और सोशल मीडिया के जरिये वाद-विवाद करने वाले इस वर्ग को साधने के लिए कुशल व मुखर टीम की जरूरत थी। इसके संयोजक पद से अमित मालवीय की छुट्टी कर जिस 58 वर्षीय दीपक म्हस्के को जिम्मेदारी दी गई है, उन्होंने लंबे समय तक छत्तीसगढ़ में भाजपा के डिजिटल कैंपेन की कमान संभाली थी। तेजतर्रार डिजिटल प्लानर माने जानेवाले और केमेस्ट्री के प्रोफेसर रहे म्हस्के ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस का अध्यक्ष रहते डिजिटल माध्यम से अनियमितताओं को आगे बढ़ कर उजागर किया था।
सह संयोजकों की टीम भी आक्रामक
सह संयोजकों की टीम में शामिल की गईं प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव भी डिजिटल क्षेत्र और खास कर सोशल मीडिया पर बेहद मुखर होने के साथ ही आक्रामक भूमिका निभाते रहे हैं। प्रीति महाराष्ट्र में पार्टी के डिजिटल अभियानों से जुड़ी रहने के साथ प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मुखर वैचारिक हमले के लिए जानी जाती हैं।
एमबीए की डिग्री के साथ कई एमएनसी में काम कर चुके अरुण यादव 2018-22 तक हरियाणा भाजपा में आईटी सेल की कमान संभाल चुके हैं। उत्तराखंड के आलोक भट्ट सोशल मीडिया विश्लेषक के साथ इस मंच के आक्रामक चेहरा हैं। लंबे समय से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन से जुड़े स्तंभकार शिवानंद द्विवेदी भी विचारधारा के सवाल पर सोशल मीडिया पर मुखर रहते हैं।
- मीडिया संयोजक के रूप में अनिल बलूनी पद पर बरकरार हैं। आशीष अग्रवाल, प्रदीप भंडारी व सिद्धार्थ यादव को सह संयोजक बनाया गया है।
मुख्यधारा के मीडिया की भी चिंता
सोशल मीडिया के साथ नई टीम में मुख्यधारा की मीडिया की भी चिंता की गई है। पहले इसके लिए दो की जगह चार लोगों की टीम बनाते हुए सह संयोजक संजय मयूख की छुट्टी कर तीन नए सह संयोजक बनाए हैं।