{"_id":"68138c998bb03a791e056483","slug":"increase-reservation-to-68-per-cent-mallikarjun-kharge-urges-centre-govt-news-in-hindi-2025-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Centre Vs Congress: 'आरक्षण बढ़ाकर 68 प्रतिशत करे सरकार', कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की केंद्र से अपील","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Centre Vs Congress: 'आरक्षण बढ़ाकर 68 प्रतिशत करे सरकार', कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की केंद्र से अपील
Thu, 01 May 2025 08:30 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हुबली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हुबली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 01 May 2025 08:30 PM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- केंद्र आरक्षण पर 50 फीसदी की सीमा को हटाए और इसे बढ़ाकर 68 फीसदी करे। वहीं उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग दोहराई। उन्होंने पूछा, 'हमें बताएं कि पहलगाम में क्या और क्यों हुआ। क्या यह केंद्रीय बलों, स्थानीय पुलिस या सीमा सुरक्षा बलों की खुफिया और सुरक्षा चूक के कारण हुआ?'
विज्ञापन
मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को मांग की कि केंद्र आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाए और इसे बढ़ाकर 68 प्रतिशत करे। खरगे ने केंद्र सरकार पर शुरू में जाति जनगणना कराने के लिए उत्सुक नहीं होने और कांग्रेस पार्टी की तरफ से बनाए गए दबाव के बाद सहमत होने का भी आरोप लगाया।
'केंद्र आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाए'
हुबली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं मांग करता हूं कि केंद्र आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाए और इसे बढ़ाकर 67 से 68 प्रतिशत करे।' कांग्रेस ने 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' के तहत कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम मूल्य बढ़ोतरी के खिलाफ भी है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए केंद्र जिम्मेदार है। खरगे के अनुसार, तमिलनाडु सरकार की तरफ से दिए गए आरक्षण के अनुरूप आरक्षण को बढ़ाकर 68 प्रतिशत किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र आरक्षण को 67 से 68 प्रतिशत करने के रास्ते पर आ रहा है।
यह भी पढ़ें - Caste Census: जाति जनगणना पर बोले राउत- फैसला राहुल गांधी की जीत, लेकिन पहलगाम हमले से ध्यान भटकाने की कोशिश
विज्ञापन
पता नहीं केंद्र को कितनी सद्बुद्धि आई- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र शुरू में जाति जनगणना कराने के लिए उत्सुक नहीं था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'केंद्र कभी भी जनगणना नहीं करना चाहता था, लेकिन हमें नहीं पता कि उन्हें कितनी सद्बुद्धि आई।' उन्होंने यह भी जानना चाहा कि 2021 में जनगणना क्यों नहीं हुई। खरगे ने कहा कि अगर जनगणना तब होती, तो हमें नागरिकों की स्थिति, उनकी प्रति व्यक्ति आय, उनके वेतन, सृजित नौकरियों की संख्या और गरीबी से बाहर आए लोगों की संख्या का पता चल जाता।
'केंद्र सरकार इस काम को पूरे मन से नहीं कर रही'
कांग्रेस प्रमुख ने आगे कहा, 'अब जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इसे कराने का फैसला किया है, तो हमारा अनुमान है कि केंद्र सरकार इस काम को पूरे मन से नहीं कर रही है।' खरगे ने गणना का काम पूरा करने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की। उन्होंने कहा, 'आपको इसे तीन महीने में पूरा करना होगा, तभी हम यह निष्कर्ष निकालेंगे कि आप जनगणना कराने में रुचि रखते हैं। अगर आप ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो हम मान लेंगे कि आप इसके लिए इच्छुक नहीं हैं।'
यह भी पढ़ें - India-Pakistan Tension: भारत के साथ लगी सीमाओं पर पाकिस्तानी सेना की हलचल तेज, चीन के तोपखाने किए तैनात
'केंद्र बताएं कि पहलगाम में क्या और क्यों हुआ'
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे पूरा कराने के लिए केंद्र पर दबाव बनाया था। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग दोहराई। उन्होंने पूछा, 'हमें बताएं कि पहलगाम में क्या और क्यों हुआ। क्या यह केंद्रीय बलों, स्थानीय पुलिस या सीमा सुरक्षा बलों की खुफिया और सुरक्षा चूक के कारण हुआ?' खरगे ने कहा कि आतंकवादियों ने 26 निर्दोष लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी, केंद्र को घटना का ब्यौरा बताना चाहिए। उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई।
विज्ञापन
'केंद्र आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाए'
हुबली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं मांग करता हूं कि केंद्र आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाए और इसे बढ़ाकर 67 से 68 प्रतिशत करे।' कांग्रेस ने 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' के तहत कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम मूल्य बढ़ोतरी के खिलाफ भी है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए केंद्र जिम्मेदार है। खरगे के अनुसार, तमिलनाडु सरकार की तरफ से दिए गए आरक्षण के अनुरूप आरक्षण को बढ़ाकर 68 प्रतिशत किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र आरक्षण को 67 से 68 प्रतिशत करने के रास्ते पर आ रहा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Caste Census: जाति जनगणना पर बोले राउत- फैसला राहुल गांधी की जीत, लेकिन पहलगाम हमले से ध्यान भटकाने की कोशिश
विज्ञापन
पता नहीं केंद्र को कितनी सद्बुद्धि आई- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र शुरू में जाति जनगणना कराने के लिए उत्सुक नहीं था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'केंद्र कभी भी जनगणना नहीं करना चाहता था, लेकिन हमें नहीं पता कि उन्हें कितनी सद्बुद्धि आई।' उन्होंने यह भी जानना चाहा कि 2021 में जनगणना क्यों नहीं हुई। खरगे ने कहा कि अगर जनगणना तब होती, तो हमें नागरिकों की स्थिति, उनकी प्रति व्यक्ति आय, उनके वेतन, सृजित नौकरियों की संख्या और गरीबी से बाहर आए लोगों की संख्या का पता चल जाता।
'केंद्र सरकार इस काम को पूरे मन से नहीं कर रही'
कांग्रेस प्रमुख ने आगे कहा, 'अब जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इसे कराने का फैसला किया है, तो हमारा अनुमान है कि केंद्र सरकार इस काम को पूरे मन से नहीं कर रही है।' खरगे ने गणना का काम पूरा करने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की। उन्होंने कहा, 'आपको इसे तीन महीने में पूरा करना होगा, तभी हम यह निष्कर्ष निकालेंगे कि आप जनगणना कराने में रुचि रखते हैं। अगर आप ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो हम मान लेंगे कि आप इसके लिए इच्छुक नहीं हैं।'
यह भी पढ़ें - India-Pakistan Tension: भारत के साथ लगी सीमाओं पर पाकिस्तानी सेना की हलचल तेज, चीन के तोपखाने किए तैनात
'केंद्र बताएं कि पहलगाम में क्या और क्यों हुआ'
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे पूरा कराने के लिए केंद्र पर दबाव बनाया था। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग दोहराई। उन्होंने पूछा, 'हमें बताएं कि पहलगाम में क्या और क्यों हुआ। क्या यह केंद्रीय बलों, स्थानीय पुलिस या सीमा सुरक्षा बलों की खुफिया और सुरक्षा चूक के कारण हुआ?' खरगे ने कहा कि आतंकवादियों ने 26 निर्दोष लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी, केंद्र को घटना का ब्यौरा बताना चाहिए। उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई।