Independence Day: 79 साल में ₹88 से बढ़कर 1.5 लाख के पार हुआ सोना, इस दौरान कितनी महंगी हुई खाने की थाली?
1947 में ₹88 प्रति 10 ग्राम से शुरू होकर आज ₹1 लाख पार पहुंचा सोना। जानिए आजादी के 79 वर्षों में खाने की थाली, दफ्तर, वेतन और जीवनशैली में आए ऐतिहासिक बदलाव।
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ऐसे में हम आज आपको बताएंगे कि इन 79 साल ने आपकी जिंदगी में क्या-क्या बदलाव किए? आपके खाने की थाली में क्या बदला? आपके दफ्तर में क्या बदलाव हुआ? मनोरंजन के तरीके में क्या परिवर्तन आया? आइए जानते हैं...
1947 में जब भारत आजाद हुआ था, तब देश की जीडीपी 2.7 लाख करोड़ रुपये थी और ये दुनिया की जीडीपी के तीन फीसदी से भी कम थी। वहीं आज, 2025 में देश की जीडीपी का मौजूदा मूल्य लगभग 366.94 लाख करोड़ रुपये हो गया है। भारत की साक्षरता दर 1947 में लगभग 12 प्रतिशत थी आज 74 प्रतिशत पर पहुंच गई है। अगर 1960 से 2021 तक के जीडीपी ग्रोथ पर नजर डालें तो 1966 से पहले औसतन चार फीसदी की रफ्तार से जीडीपी बढ़ती थी। 2015 के बाद से अब लगातार छह फीसदी से ज्यादा जीडीपी की ग्रोथ रेट रही है। वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी 6.4 से 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
- 1947 से 1980 तक देश की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ नौ फीसदी से लेकर -5 फीसदी तक रही। यानी कई बार इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
- 1981 से 1991 के बीच एक बार तो ग्रोथ रेट शून्य से भी नीचे पहुंच गई। अधिकतम ग्रोथ नौ फीसदी तक दर्ज हुई।
- 1992 से 2019 तक अर्थव्यवस्था का विकास दर चार से आठ फीसदी तक बनी रही। इस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर हुई और मजबूत भी।
- वर्ष 2026-27 में मौजूदा कीमतों पर देश की जीडीपी ₹400 लाख करोड़ होने का अनुमान है।
- 1950-51 में भारत ने 1.27 अरब डॉलर का आयात किया और 1.26 अरब डॉलर का निर्यात किया।
- 1975-76 में 6.08 अरब डॉलर का आयात और 4.66 अरब डॉलर का निर्यात किया।
- 1990-91 में 24 अरब डॉलर का आयात किया और 18 अरब डॉलर का निर्यात किया।
- 2002-03 में 50 अरब डॉलर का आयात और 44 अरब डॉलर का निर्यात किया।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत के कुल 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात और 979.40 अरब अमेरिकी डॉलर के आयात का अनुमान जताया गया है।
महंगाई में आया जमीन-आसमान का अंतर
आजादी से लेकर अब तक जहां, एक ओर देश ने खूब विकास किया वहीं महंगाई भी चरम सीमा पर पहुंच गई। खाने-पीने की चीजों से लेकर सोना, पेट्रोल-डीजल और सोना तक सब कुछ महंगा हो गया। आइए जानते हैं रोजमर्रा की चीजों में कितना बदलाव हुआ?
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वस्तु/पदार्थ |
1947 में कितना दाम था? |
अब क्या कीमत है? |
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सोना (10 ग्राम) |
88.62 रुपये (10 ग्राम) |
1,53,040 रुपये |
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पेट्रोल (एक लीटर) |
27 पैसे |
102.12 |
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चावल (प्रति किलो) |
12 पैसे |
44.89 रुपये |
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चीनी (प्रति किलो) |
40 पैसे |
41.50 रुपये |
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आलू (प्रति किलो) |
25 पैसे |
22 रुपये |
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दूध (एक लीटर) |
12 पैसे |
77 रुपये |
आजादी के वक्त देश की 70 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे थी। आजादी के बाद इसमें काफी बदलाव हुआ। 1977 तक ये संख्या घटकर 63%, 1991 तक 50% जनसंख्या गरीब थी। 2011 के आंकड़ों के अनुसार देश में 22.5 प्रतिशत लोग गरीबी में रह रहे थे। संयुक्त राष्ट्र के हालिया आंकड़ों के अनुसार भारत में 15 वर्षों (2005-06 से 2019-21) की अवधि के भीतर 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। रिपोर्ट बताती है देश में 2005-2006 से 2019-2021 के दौरान 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। 2005-2006 में जहां गरीबों की आबादी 55.1 प्रतिशत थी वह 2019-2021 में घटकर 16.4 प्रतिशत हो गई। वहीं, अति गरीबी के आंकड़ों में भी जबरदस्त सुधार हुआ है और यह 2011-12 के 27.1 फीसदी से 2022-23 में 5.3 फीसदी पर आ गई।