India China: भारत-चीन संबंधों में नई गर्माहट, दिवाली पर एलएसी पर सैनिकों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटीं
एलएसी पर पांच सीमा कार्मिक बैठक (बीपीएम) बिंदुओं पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच दिवाली के अवसर पर मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों के सैनिकों ने दो टकराव बिंदुओं डेमचोक और देपसांग से सैनिकों की वापसी पूरी कर ली है और जल्द ही इन बिंदुओं पर गश्त शुरू हो जाएगी।
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दिवाली क खास मौके पर लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में भारतीय और चीनी सेना के जवानों आपस में मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। लद्दाख के कराकोरम पास, दौलत बैग ओल्डी और कोंगका ला जैसे स्थानों पर दोनों देशों के सैनिक मिले और एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर शुभकामनाएं दीं।
चुसुल-मोल्डो सीमा पर भारतीय और चीनी सेना के जवानों के दीवाली पर मिठाइयों के आदान-प्रदान पर रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल बख्शी ने कहा, यह एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। सीमा पर तनाव कम हो रहा है। हमारा लद्दाख सीमा पर चीन के साथ डिसइंगेजमेंट हो रहा है। मिठाइयो का आदान-प्रदान भारतीय सभ्यता के मानदंडों को दर्शाता है। हमें यह देखना होगा कि जब गश्त की जाती है तो क्या होता है और चीन कितना गंभीर है। हमारी खुफिया जानकारी बहुत मजबूत होनी चाहिए और हमें यह पूर्वानुमान लगाना चाहिए कि वे क्या सोच रहे हैं।
वहीं, विदेश मामलों के विशेषज्ञ रविंदर सचेदवा ने कहा, यह एक सकारात्मक कदम है कि दीवाली के मौके पर भारतीय सैनिकों ने अपने चीनी समकक्षों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। दीवाली के अवसर पर मिठाइयों के आदान-प्रदान के साथ सांस्कृति कार्यक्रम भी होते थे। लेकिन इस बार कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हुआ। भारत-चीन संबंधों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन उम्मीद है कि हाल की घटनाओं के साथ इन चुनौतियों में से कुछ को एलएसी पर हल करने की मंशा से पार किया जा सकेगा। इसलिए हमे देखना होगा और उम्मीद करनी होगी कि चीनी पक्ष का यह व्यवहार कितने समय तक बना रहा है, क्योंकि चीनी अपने वादों से पीछे हटने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए हमें उम्मीद करनी होगी कि वे अपने वादों पर बने रहे हैं और अपनी मौजूद स्थिति पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, मिठाइयों के आदान-प्रदान से निश्चित रूप से पाकिस्तान को एक संदेश जाएगा। पाकिस्तान इससे ज्यादा खुश नहीं होगा, क्योंकि पाकिस्तान ऐसा नहीं चाहता है।
वहीं, सेवानिवृत्त कप्तान अनिल गौड़ ने कहा, भारत और चीन के बीच समझौता बहुत अच्छा है। चीन ने सभी अस्थायी ढांचों को हटा दिया है। यह एक बहुत सकारात्मक कदम है। दोनों देशों के बीच तनाव किसी के लिए अच्छा नहीं है। मिठाइयों का आदान-प्रदान दोनों देशों के लोगों के लिए एक सकारात्मक संदेश भेजता है कि उनके बीच सबकुछ ठीक है।
एलएसी पर पांच पॉइंट्स पर बांटी गईं मिठाइयां
रिपोर्ट्स के अनुसार, एलएसी पर पांच सीमा कार्मिक बैठक (बीपीएम) बिंदुओं पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच दिवाली के अवसर पर मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों के सैनिकों ने दो टकराव बिंदुओं डेमचोक और देपसांग से सैनिकों की वापसी पूरी कर ली है और जल्द ही इन बिंदुओं पर गश्त शुरू हो जाएगी। हालांकि सैनिकों के पीछे हटने के बाद सत्यापन प्रक्रिया जारी है और ग्राउंड कमांडर्स के बीच अभी गश्त के तौर-तरीकों पर फैसला किया जाना है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अभी स्थानीय कमांडर स्तर पर बातचीत जारी रहेगी।
Soldiers of the Indian and Chinese Army exchange sweets at the Chushul-Moldo border meeting point on the occasion of #Diwali.
— ANI (@ANI) October 31, 2024
(Source: Indian Army) pic.twitter.com/MwhGgIYQ98
21 अक्तूबर को भारत चीन के बीच सीमा समझौते का हुआ था एलान
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में एलान किया कि पिछले कई हफ्तों से चल रही बातचीत के बाद भारत और चीन के बीच एक समझौते को अंतिम रूप दिया गया है और इससे 2020 में उठे मुद्दों का समाधान निकलेगा। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गश्त और सैनिकों के पीछे हटने पर समझौते को अंतिम रूप दिया गया, जो चार साल से चल रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
रक्षा मंत्री बोले- सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया लगभग पूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर भारत और चीन की ओर से सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'समझौते में पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त और चराई से संबंधित अधिकार शामिल हैं। इस सहमति के आधार पर, वापसी की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। हम केवल वापसी से आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे, लेकिन इसके लिए हमें थोड़ा और इंतजार करना होगा।'