India-Japan Summit Highlights: पीएम मोदी बोले- ताकाइची छोटी बहन और दूरदर्शी, जापानी प्रधानमंत्री क्या बोलीं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने जापानी पीएम को अपनी छोटी बहन और दूरदर्शी नेता बताया। दोनों देशों के बीच कितने करार हुए? दोनों प्रधानमंत्रियों ने किन बातों को खास तौर पर रेखांकित किया? जानिए इस खबर में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत और जापान के बीच आज अहम द्विपक्षीय समझौते हुए। दोनों देशों के बीच हुए वार्षिक सम्मेलन के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अलावा फार्मा सेक्टर से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता भी की। अपनी गर्मजोशी और प्रधानमंत्री पद से इतर इंसानी रिश्ते के लिए दुनियाभर में मशहूर पीएम मोदी ने जापानी समकक्ष को अपनी छोटी बहन बताया।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा 'मेरी छोटी बहन, प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, दोनों प्रतिनिधिमंडलों के सम्मानित सदस्य, मीडिया के सदस्य, नमस्कार और कोनिचिवा (इसका मतलब जापानी भाषा में हैलो होता है)।
उन्होंने आगे कहा कि भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री तकाइची की भारत की पहली यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। इसके साथ ही एक दूरदर्शी और व्यापक रूप से सम्मानित नेता भी हैं। वे नारा प्रांत से आती हैं, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक प्रमुख केंद्र है।'
यह भी पढ़ें- Japan PM India Visit LIVE: पीएम मोदी ने जापानी समकक्ष ताकाइची से की मुलाकात, अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
इंडो-पैसिफिक' क्षेत्र पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'प्रधानमंत्री तकाइची की इस यात्रा के साथ, हम अपनी 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। आज, भारत और जापान दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियमों पर आधारित 'इंडो-पैसिफिक' क्षेत्र हमारी साझा प्राथमिकता है। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और बाजार-आधारित अर्थव्यवस्थाओं के तौर पर, हमने आज कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
जापान की प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने कहा, 'जापान की मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स का एक डिस्ट्रॉयर और भारतीय नौसेना का एक जहाज संयुक्त अभ्यास करने की योजना बना रहे हैं। हम हिंद महासागर में अभ्यास बढ़ाएंगे, नौसेना के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल में सहयोग को बढ़ावा देंगे और 'मेक इन इंडिया' फ्रेमवर्क के तहत उपकरणों के मामले में सहयोग को मजबूत करेंगे। इस तरह के सहयोग को और गहरा करने के लिए, मैंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे बातचीत करें और साल के अंत से पहले अगली जापान-भारत द्विपक्षीय बैठक आयोजित करें।
पीएम मोदी का बताया बड़ा भाई
उन्होंने आगे का कि अगले साल हमारे राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह है और हम इस मौके का फायदा उठाकर 'इंडिया-जापान स्पेशल स्ट्रैटेजिक ग्लोबल पार्टनरशिप' के तहत अपने दोनों देशों के लोगों को और करीब लाना चाहते हैं, ताकि हम भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर रणनीतिक दिशा को साझा कर सकें। मुझे यकीन है कि मेरे बड़े भाई प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर भारत-जापान संबंध एक नए दौर में आगे बढ़ेंगे। मैं अगली बार जापान में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में ताकाइची को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक पीएम ताकाइची का यह दौरा भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जापान एकमात्र ऐसा देश है जिसके साथ भारत ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए एक समर्पित संस्थागत तंत्र- 'भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम' बनाया है।