{"_id":"696267b695f9e72867083cad","slug":"india-us-relations-trump-trusted-aide-sergio-gor-becomes-new-us-ambassador-to-india-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-US Ties: तल्ख द्विपक्षीय संबंध के बीच नए राजदूत सर्जियो गोर दिल्ली पहुंचे, कहा- भविष्य में बेहतरीन अवसर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
India-US Ties: तल्ख द्विपक्षीय संबंध के बीच नए राजदूत सर्जियो गोर दिल्ली पहुंचे, कहा- भविष्य में बेहतरीन अवसर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sat, 10 Jan 2026 08:22 PM IST
विज्ञापन
सार
अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर नई दिल्ली पहुंच गए हैं। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने दोनों देशों के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उनका आगमन ऐसे समय हुआ है, जब भारत-अमेरिका व्यापार और कूटनीतिक संबंधों को लेकर हाल के दिनों में कई बयान सामने आए हैं।
सर्जियो गोर
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
भारत अमेरिका संबंधों में तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद भरोसेमंद और अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार रात नई दिल्ली पहुंचे। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लिए आगे बहुत अच्छे मौके हैं।
भारत ने आरोपों को किया खारिज
गोर का आना ऐसे समय हुआ है जब व्यापार समझौते को लेकर बहस चल रही है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने हाल ही में एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए व्यापार समझौता नहीं हो पाया। हालांकि भारत ने शुक्रवार को ही इस दावे को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इसे गलत और तथ्यहीन बताया। मंत्रालय ने साफ किया कि 2025 में दोनों नेताओं के बीच कई बार बात हुई है और चर्चा जारी है।
ये भी पढ़ें: लैटिन अमेरिका में अशांति: 'वैश्विक युद्ध रोकने के लिए अहम', ट्रंप से मुलाकात से पहले बोले कोलंबियाई राष्ट्रपति
क्या होगी सर्जियो गोर की चुनौती?
सर्जियो गोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस तनाव को कम करने की होगी। पिछले कुछ महीनों में रिश्तों पर असर पड़ा है। गोर ट्रंप प्रशासन में काफी प्रभावशाली रहे हैं। राजदूत बनने से पहले वे व्हाइट हाउस में कार्मिक निदेशक थे। ट्रंप ने अगस्त में उनका नाम आगे बढ़ाया था। सीनेट ने अक्तूबर में इसे मंजूरी दी थी।
गोर इससे पहले अक्तूबर 2024 में भी भारत आए थे। तब वे छह दिन रुके थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। अब उन्होंने आधिकारिक रूप से अपना काम संभाल लिया है। उनकी प्राथमिकता व्यापार से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना होगी। वे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के नए रास्ते भी खोजेंगे।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
भारत ने आरोपों को किया खारिज
गोर का आना ऐसे समय हुआ है जब व्यापार समझौते को लेकर बहस चल रही है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने हाल ही में एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए व्यापार समझौता नहीं हो पाया। हालांकि भारत ने शुक्रवार को ही इस दावे को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इसे गलत और तथ्यहीन बताया। मंत्रालय ने साफ किया कि 2025 में दोनों नेताओं के बीच कई बार बात हुई है और चर्चा जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: लैटिन अमेरिका में अशांति: 'वैश्विक युद्ध रोकने के लिए अहम', ट्रंप से मुलाकात से पहले बोले कोलंबियाई राष्ट्रपति
क्या होगी सर्जियो गोर की चुनौती?
सर्जियो गोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस तनाव को कम करने की होगी। पिछले कुछ महीनों में रिश्तों पर असर पड़ा है। गोर ट्रंप प्रशासन में काफी प्रभावशाली रहे हैं। राजदूत बनने से पहले वे व्हाइट हाउस में कार्मिक निदेशक थे। ट्रंप ने अगस्त में उनका नाम आगे बढ़ाया था। सीनेट ने अक्तूबर में इसे मंजूरी दी थी।
गोर इससे पहले अक्तूबर 2024 में भी भारत आए थे। तब वे छह दिन रुके थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। अब उन्होंने आधिकारिक रूप से अपना काम संभाल लिया है। उनकी प्राथमिकता व्यापार से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना होगी। वे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के नए रास्ते भी खोजेंगे।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन